दक्षिण पश्चिम रेलवे ने रचे विकास के नए कीर्तिमान80वें स्वतंत्रता दिवस पर परेड़ का निरीक्षण करते दक्षिण पश्चिम रेलवे महाप्रबंधक पी. अनंत।

80वें स्वतंत्रता दिवस पर महाप्रबंधक पी. अनंत ने गिनाईं जनवरी-जुलाई 2026 की प्रमुख उपलब्धियां

हुब्बल्ली। दक्षिण पश्चिम रेलवे (दपरे) ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सुरक्षा, बुनियादी ढांचे, यात्री सुविधाओं, परिचालन, आय और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं। दक्षिण पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पी. अनंत ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि रेलवे की प्रगति में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सामूहिक प्रयासों से सेवा की गुणवत्ता को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जनवरी से जुलाई 2026 के दौरान दक्षिण पश्चिम रेलवे ने 83 किलोमीटर नई रेल लाइन को परिचालन में लाया। इसमें 41 किमी नई लाइन और 42 किमी दोहरीकरण शामिल है। तुमकूरु-अरसिकेरे के 98 रूट किमी तथा व्हाइटफील्ड-जोलारपेट्टै के 122 रूट किमी में कवच प्रणाली लागू की गई। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए 157 किमी पूर्ण ट्रैक नवीनीकरण और 132 किमी सुरक्षा बाड़ लगाने का कार्य भी किया गया।

रेल सेवाओं के विस्तार के तहत इस अवधि में 22 नई ट्रेनें शुरू की गईं, चार ट्रेनों का विस्तार और 42 ट्रेनों का नियमितीकरण किया गया। 125 ट्रेनों की गति बढ़ाने से कुल 3,335 मिनट के यात्रा समय की बचत हुई। मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की समयपालन दर 88.16 प्रतिशत रही और जुलाई तक दक्षिण पश्चिम रेलवे ने अखिल भारतीय स्तर पर पांचवां स्थान हासिल किया।

यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में 73 लिफ्ट, 64 एस्केलेटर और 57 स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीनें शुरू की गईं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत नौ स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा हुआ। इसके अलावा 14 ऊपरी पुल, 23 निचले पुल, सात फुट ओवरब्रिज, दो सबवे और आठ हाई-लेवल प्लेटफॉर्म तैयार किए गए।

आय के क्षेत्र में रेलवे ने 31.3 मिलियन टन का रिकॉर्ड माल लदान किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 5.8 प्रतिशत अधिक है। कुल आय 5,531 करोड़ रुपए रही। टिकट जांच अभियान के दौरान 4.7 लाख मामले पकड़े गए और 43 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला गया।

रेलवे सुरक्षा बल ने जुलाई तक 3 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए तथा 2.41 करोड़ रुपए मूल्य की खोई हुई वस्तुएं उनके मालिकों को लौटाईं। 340 बच्चों और 23 असहाय वयस्कों को भी सुरक्षित बचाया गया।

पर्यावरण संरक्षण के तहत कुल सौर ऊर्जा क्षमता 8.4 मेगावाट तक पहुंच गई। मई 2026 तक इससे करीब 2.6 करोड़ रुपए की बचत हुई। 154 ट्रेनों में हेड-ऑन-जनरेशन प्रणाली लागू कर 12,650 किलोलीटर डीजल की बचत की गई।

महाप्रबंधक ने कहा कि ये उपलब्धियां अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता, अनुशासन और टीम भावना का परिणाम हैं। उन्होंने सुरक्षित, विश्वसनीय, समयबद्ध और यात्री-अनुकूल रेल सेवा के लिए इसी समर्पण के साथ कार्य जारी रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम में हुब्बल्ली मंडल की मंडल रेल प्रबंधक बेला मीना सहित दक्षिण पश्चिम रेलवे और हुब्बल्ली मंडल के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

 

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By Bharat Ki Awaz

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