उडुपी में नियम उल्लंघन घटे, डेढ़ माह में 1.19 लाख वाहन कैमरों में कैद
उडुपी. जिले के राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों के प्रमुख जंक्शनों पर स्पीड रडार कैमरे लगाए जाने के बाद तेज रफ्तार और यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। पुलिस ने राजमार्गों के छह प्रमुख स्थानों पर रडार कैमरे स्थापित किए हैं और निर्धारित गति सीमा से अधिक चलने वाले हल्के वाहनों पर 1,000 रुपए तथा भारी वाहनों पर 2,000 रुपए का जुर्माना लगाया जा रहा है।
सडक़ हादसों ने बढ़ाई चिंता
जिले में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण वर्ष 2024 से मई 2026 तक 635 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3,257 लोग घायल हुए हैं। वर्ष 2024 में 52 मामलों में 52 हजार रुपए, 2025 में 46 मामलों में 46 हजार रुपए तथा मई 2026 तक 89 मामलों में 91 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया।
कैमरों में 1.19 लाख मामले दर्ज
21 मई से पांच राष्ट्रीय राजमार्ग और एक राज्य राजमार्ग पर रडार कैमरे चालू किए गए। तब से अब तक 1.19 लाख तेज रफ्तार वाहन कैमरों में दर्ज हुए हैं। हालांकि तकनीकी जांच के बाद अब तक केवल 335 चालान जारी किए गए हैं।
शुरुआती दो सप्ताह में प्रतिदिन 4,500 से 5,300 ओवरस्पीड के मामले सामने आते थे, लेकिन जागरूकता बढऩे के बाद यह संख्या घटकर 1,600-1,700 प्रतिदिन रह गई है। अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन के मामले भी 10-11 हजार प्रतिदिन से घटकर 5-6 हजार रह गए हैं।
अन्य प्रमुख स्थानों पर भी लगाया जाएगा कैमरे
रडार कैमरों का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों में यातायात नियमों के पालन की आदत विकसित करना है। सरकार से अतिरिक्त कैमरे मिलने पर इन्हें जिले के अन्य प्रमुख स्थानों पर भी लगाया जाएगा।
–हरिराम शंकर, जिला पुलिस अधीक्षक, उडुपी
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