Tag: yet the door to rehabilitation for the victims remains unopened

दशक बीता, फिर भी नहीं खुला पीड़ितों के पुनर्वास का द्वार

दशक बीता, फिर भी नहीं खुला पीड़ितों के पुनर्वास का द्वार

एंडोसल्फान त्रासदी के शिकार हजारों परिवार आज भी मोहताज आलंकार में प्रस्तावित स्थायी पुनर्वास केंद्र बना छलावा उप्पिनंगडी (दक्षिण कन्नड़)। दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ जिलों के एंडोसल्फान पीडि़तों…