चार दिन में 22 टीएमसी जल संग्रह बढ़ा, सिंचाई क्षेत्र के किसानों में खुशी
खरीफ फसलों के लिए पानी की कमी दूर होने की उम्मीद
होसपेट (विजयनगर)। जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही मानसूनी वर्षा से तुंगभद्रा जलाशय तेजी से भर रहा है। जलाशय में जलस्तर लगातार बढऩे से इसके शीघ्र पूर्ण क्षमता तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। मौजूदा स्थिति से विजयनगर, रायचूर, बल्लारी और कोप्पल जिलों के सिंचाई क्षेत्र के किसानों में उत्साह का माहौल है।
एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी की आवक
वर्तमान जलवर्ष में पहली बार जलाशय में एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी की आवक दर्ज की गई है। मंगलवार सुबह तक जलाशय में 61 टीएमसी पानी संग्रहित था, जो इसकी कुल क्षमता का लगभग 60 प्रतिशत है। जलाशय का जलस्तर 1,619.81 फीट दर्ज किया गया, जबकि 1,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
चार दिन में 22 टीएमसी की बढ़ोतरी
1 अगस्त को जलाशय में 38.69 टीएमसी पानी था और आवक लगभग 22 हजार क्यूसेक थी। लगातार तेज बारिश के कारण केवल चार दिनों में जल संग्रह में 22 टीएमसी की वृद्धि दर्ज की गई। अधिकारियों का अनुमान है कि मौजूदा प्रवाह को देखते हुए जलग्रहण क्षेत्र से अभी 20 से 30 टीएमसी अतिरिक्त पानी और आने की संभावना है।
किसानों की बढ़ी उम्मीद
तुंगभद्रा सिंचाई परियोजना क्षेत्र में एक फसल के लिए सामान्यत: 90 टीएमसी पानी की आवश्यकता होती है। वर्तमान जल भंडारण और संभावित आवक को देखते हुए खरीफ सीजन में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध रहने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे विजयनगर, रायचूर, बल्लारी और कोप्पल जिलों के किसानों में राहत और उत्साह है तथा वे खेती के कार्यों में तेजी से जुट गए हैं।
सिंचाई क्षेत्र के किसानों को मिलेगा इसका बड़ा लाभ
तुंगभद्रा जलाशय में इस समय अच्छी मात्रा में पानी की आवक हो रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो जलाशय जल्द ही अपनी पूर्ण क्षमता तक भर जाएगा। पिछले वर्ष जलाशय से 157 टीएमसी पानी का उपयोग किया गया था। इस वर्ष भी पर्याप्त जल उपलब्ध रहा तो सिंचाई क्षेत्र के किसानों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।
–नारायण नायक, अधीक्षण अभियंता, तुंगभद्रा बोर्ड, मुनिराबाद
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