पानी संकट पर नगर निगम सदन में हंगामा, एल एंड टी अधिकारियों की घेराबंदीपानी संकट पर नगर निगम सदन में हंगामा, एल एंड टी अधिकारियों की घेराबंदी

अनियमित जलापूर्ति, टूटी सडक़ों और बिलिंग गड़बड़ी पर पार्षदों का तीखा विरोध; गणेशोत्सव से पहले मरम्मत के निर्देश

हुब्बल्ली। हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम की सामान्य सभा में शुक्रवार को शहर की निरंतर पेयजल आपूर्ति योजना की खामियों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। सत्ता और विपक्ष के पार्षदों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जलापूर्ति में अनियमितता, पाइपलाइन कार्यों के बाद सडक़ों की मरम्मत नहीं होने, पानी के बिलों में गड़बड़ी तथा प्रशासनिक लापरवाही के लिए एल एंड टी कंपनी और केयूडीएफसी अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।

चार दिन की जगह आठ दिन में पानी, अतिरिक्त जल कहां गया?

चर्चा के दौरान पार्षद रामण्णा बडिगेर ने कहा कि मलप्रभा नदी से अतिरिक्त 40 एमएलडी पानी मिलने के बावजूद कई क्षेत्रों में पहले चार दिन में मिलने वाला पानी अब आठ दिन के अंतराल पर पहुंच रहा है। उन्होंने पूछा कि अतिरिक्त जल आखिर किस क्षेत्र में उपयोग हो रहा है। पार्षद उमेशगौड़ा कौजगेरी ने भी जल वितरण का वार्डवार विवरण सार्वजनिक करने तथा रायापुर क्षेत्र की क्षतिग्रस्त पाइपलाइन तत्काल दुरुस्त करने की मांग की।

बिलिंग और सडक़ मरम्मत पर भी नाराजगी

विपक्ष की पार्षद सुवर्णा कल्लकुंटला ने बताया कि निरंतर जलापूर्ति योजना से जुड़े अनेक घरों को पिछले सात महीनों से पानी के बिल नहीं मिले हैं। इससे नगर निगम की आय प्रभावित हो रही है।

महापौर दुर्गम्मा बिजवाड ने एल एंड टी अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सभी सडक़ों की गणेशोत्सव से पहले मरम्मत हर हाल में पूरी की जाए। उन्होंने संबंधित वार्डों का निरीक्षण कर आगे की कार्रवाई का भी आश्वासन दिया।

आवारा पशुओं और श्वानों का मुद्दा भी उठा

बैठक में शहर में आवारा श्वानों और मवेशियों की बढ़ती समस्या भी उठाई गई। इस पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग के कार्यकारी अभियंता संतोष यरंगली ने बताया कि श्वानों की नसबंदी और नियंत्रण के लिए 1.97 करोड़ रुपए की निविदा जारी कर कार्यादेश दे दिया गया है।

अनुदान रोकने की चेतावनी पर राजनीतिक तकरार

नगर निगम आयुक्त रुद्रेश घाली ने बताया कि यदि निरंतर पेयजल योजना से संबंधित बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया तो राज्य सरकार प्रशासनिक कार्रवाई के साथ अनुदान रोक सकती है। इस पर भाजपा पार्षद तिप्पण्णा मज्जगी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि सभी निर्णय सरकार ही करेगी तो नगर निगम को ही समाप्त कर देना चाहिए। पार्षद ईरेश अंचटगेरी और वीरण्णा सवडी ने सुझाव दिया कि सरकार द्वारा नगर निगम को देय 300 करोड़ रुपए के बकाया अनुदान से ही नगर निगम का अंश समायोजित किया जाए।

विपक्ष के नेता मोहम्मद इलियास मनियार ने कहा कि महापौर के आश्वासन केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए और अगले नगर निगम चुनाव से पहले सभी वादों को धरातल पर उतारा जाना चाहिए।

बैठक में उपमहापौर रत्नाबाई नाजरे, पार्षद वीरण्णा सवडी, राजण्णा कोरवी, आरिफ भद्रापुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

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By Bharat Ki Awaz

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