विभिन्न संगठनों ने दिया समर्थन
हुब्बल्ली. धारवाड़ के लिए पृथक महानगर निगम गठन की मांग को लेकर आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। विधायक प्रसाद अब्बय्या ने चेतावनी दी है कि यदि राज्यपाल ने अलग नगर निगम के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी, तो आंदोलनकारी न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
धारवाड़ पृथक महानगर निगम संघर्ष समिति की ओर से नगर निगम कार्यालय के सामने चल रहे अनिश्चितकालीन धरने को संबोधित करते हुए अब्बय्या ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं, बल्कि धारवाड़ की जनता की मांग है। राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया है, लेकिन अब तक प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है।
उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार ने धारवाड़ के लिए अलग नगर निगम की घोषणा की थी, तब भाजपा नेताओं ने उसका स्वागत किया था और बैनर लगाए थे, लेकिन बाद में वे अपने रुख से पीछे हट गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भावनात्मक नहीं बल्कि प्रशासनिक मुद्दा है और विकेंद्रीकरण से धारवाड़ के विकास को गति मिलेगी।
विधायक अब्बय्या ने कहा कि हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम के विभाजन से अनुदान या आय कम होने की बात गलत है। सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत अलग-अलग नगर निगमों को अनुदान देती है और इससे आय में लगभग 25 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है।
इस आंदोलन को विश्वकर्मा समाज और उत्तर कर्नाटक चलचित्र वाणिज्य मंडल ने भी समर्थन दिया। जुलूस निकालकर दोनों संगठनों के प्रतिनिधियों ने वरिष्ठ अधिवक्ता बी.डी. हिरेमठ को समर्थन पत्र सौंपा। प्रदर्शन के दौरान “अलग नगर निगम बनाओ”, “एचडीएमसी नहीं, डीएमसी चाहिए” जैसे नारे लगाए गए।
अखिल कर्नाटक विश्वकर्मा महासभा के अध्यक्ष कल्लप्पा बडिगेर ने कहा कि यदि प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। वहीं उत्तर कर्नाटक चलचित्र वाणिज्य मंडल के अध्यक्ष मंजुनाथ हगेदार ने राज्यपाल से शीघ्र मंजूरी देने की मांग की।
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