3 तालुकों में 50 प्रतिशत फसल नुकसान, फिर भी सूखाग्रस्त सूची से बेलगावी बाहर3 तालुकों में 50 प्रतिशत फसल नुकसान, फिर भी सूखाग्रस्त सूची से बेलगावी बाहर

मुआवजे की आस लगाए किसानों को झटका

यरगट्टी, रामदुर्ग और सवदत्ती को सूची में शामिल करने की मांग

बेलगावी। जिले के 15 तालुकों में से तीन तालुकों में बारिश की कमी के कारण करीब 50 प्रतिशत फसलें प्रभावित होने के बावजूद राज्य सरकार की सूखाग्रस्त तालुकों की सूची में बेलगावी जिले के एक भी तालुक को शामिल नहीं किया गया है। इससे राहत की उम्मीद लगाए बैठे किसानों को बड़ा झटका लगा है।

राज्य सरकार ने 102 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। लेकिन बेलगावी जिले का एक भी तालुक इसमें शामिल नहीं है। किसानों ने सवाल उठाया है कि जिले में सूखे जैसी स्थिति होने के बावजूद तालुकों को पात्र क्यों नहीं माना गया। उन्होंने जिला प्रशासन से इसका स्पष्ट जवाब देने तथा प्रभावित तालुकों को सूची में शामिल करने की मांग की है।

7.36 लाख हेक्टेयर में बुवाई

जिले में इस खरीफ मौसम में 7.52 लाख हेक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य था। बारिश की कमी के बावजूद 7.36 लाख हेक्टेयर यानी करीब 98 प्रतिशत क्षेत्र में बुवाई हुई। किसानों ने उड़द, मूंग, सोयाबीन, मक्का और अरहर जैसी फसलें बोईं। लेकिन बारिश ने साथ नहीं दिया और अपेक्षित उत्पादन नहीं मिल पाया। मूंग, उड़द और सोयाबीन में फलियां तक नहीं लगीं। अधिकारियों के प्रारंभिक आकलन के अनुसार कई क्षेत्रों में 50 प्रतिशत से अधिक फसल नुकसान हुआ है।

यरगट्टी, रामदुर्ग और सवदत्ती तालुकों में बारिश की कमी के कारण स्थिति गंभीर है। जिला प्रभारी मंत्री सतीश जारकीहोली के नेतृत्व में संबंधित विधायकों, जिला प्रशासन और जिला पंचायत अधिकारियों ने किसानों के खेतों का दौरा कर फसलों की स्थिति का जायजा भी लिया था। किसानों ने इन तीनों तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की थी।

11 प्रतिशत बारिश कम

जिले में जून में सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश हुई, जबकि जुलाई में सामान्य से 12 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। जून-जुलाई में कुल मिलाकर 27 प्रतिशत बारिश की कमी रही। वहीं 1 जून से 27 अगस्त तक सामान्य 465 मिमी के मुकाबले केवल 414 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो 11 प्रतिशत कम है। यरगट्टी, रामदुर्ग, सवदत्ती, बैलहोंगल समेत कई तालुकों में बारिश की कमी अधिक रही।

मानदंड बने बाधा

अधिकारियों के अनुसार केंद्र सरकार की सूखा प्रबंधन नियमावली-2020 के तहत बारिश की कमी, लगातार तीन सप्ताह तक शुष्क अवधि, बुवाई का क्षेत्र, उपग्रह आधारित सूचकांक, मिट्टी की नमी और जल स्थिति समेत विभिन्न मानकों के आधार पर सूखे की स्थिति तय की जाती है। इन मानकों के आधार पर राज्य में 101 तालुकों को सूखाग्रस्त माना गया है। बेलगावी के प्रभावित तालुकों में कई परिस्थितियां अनुकूल होने के बावजूद शुष्क अवधि और मिट्टी की नमी समेत कुछ मानक पूरे नहीं होने के कारण उन्हें सूची में जगह नहीं मिल सकी।

पुन: सर्वेक्षण की मांग

किसानों का कहना है कि सरकार ने खरीफ मौसम समाप्त होने तक हर सप्ताह स्थिति की समीक्षा करने की बात कही है। जब फसलें अभी से सूख रही हैं तो अगली सूची का इंतजार क्यों किया जाए। उन्होंने तत्काल पुन: सर्वेक्षण कर वास्तविक फसल नुकसान की रिपोर्ट सरकार को भेजने की मांग की है।

पुन: सर्वेक्षण कर रिपोर्ट देने के दिए निर्देश

जिले के अधिकांश तालुकों में मानसून की कमी से फसलें प्रभावित हुई हैं। केंद्र के मानकों के आधार पर सूखाग्रस्त तालुकों की घोषणा की गई है। अभी भी अतिरिक्त तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित करने का अवसर है। कृषि विभाग के अधिकारियों को पुन: सर्वेक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
मोहम्मद रोशन, जिलाधिकारी, बेलगावी

 

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By Bharat Ki Awaz

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