पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
8.73 करोड़ रुपए की डीबीएफओटी योजना का शुभारंभ
गदग. गदग-बेटगेरी जुड़वां शहरों में कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना की शुरुआत की गई है। जिला प्रभारी मंत्री डॉ. एच.के. पाटिल ने शहर के बलगानूर रोड स्थित कचरा प्रबंधन केंद्र में डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण (डीबीएफओटी) योजना का शुभारंभ किया।
यह कार्यक्रम शहरी विकास विभाग, जिला प्रशासन, शहरी विकास प्रकोष्ठ गदग तथा गदग-बेटगेरी नगर परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।
इस अवसर पर मंत्री पाटिल ने कहा कि शहरों में तेजी से बढ़ती जनसंख्या के कारण कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन अत्यंत आवश्यक हो गया है। कचरे का सही तरीके से निस्तारण करने से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों के स्वास्थ्य की भी रक्षा होती है।
उन्होंने कहा कि गदग-बेटगेरी जुड़वां शहरों के लिए यह पहली समग्र ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना है, जो स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल शहर निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। परियोजना के तहत सरकार बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराएगी, जबकि निजी भागीदारी के माध्यम से संयंत्र का निर्माण और संचालन किया जाएगा। नगर परिषद के 25 एकड़ क्षेत्र में बने कचरा निस्तारण केंद्र में से 5 एकड़ भूमि एनविरोटेक सॉल्यूशन्स कंपनी को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत सौंपी गई है।
पाटिल ने कहा कि करीब 8.73 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होने वाले इस संयंत्र में मिश्रित कचरे से गीले कचरे को अलग कर जैविक खाद बनाई जाएगी। वहीं सूखे कचरे को पुनर्चक्रित किया जाएगा और जो कचरा पुनर्चक्रण योग्य नहीं होगा, उसे उद्योगों में ईंधन के रूप में ऊर्जा उत्पादन के लिए भेजा जाएगा।
मंत्री ने कहा कि गदग शहर में प्रतिदिन लगभग 75 टन कचरा एकत्रित होता है और उसके समुचित निस्तारण की व्यवस्था की जा रही है। कचरा प्रबंधन के मामले में गदग जिला राज्य में छठे स्थान पर है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस परियोजना का कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना चाहिए और 15 अगस्त तक इसे पूर्ण कर उद्घाटन करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में शहरी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अकबर साब बबरची, प्रभु बुरबुरे, बसवराज कडेमनी, नगर परिषद सदस्य लक्ष्मी सिद्धम्मनहल्ली, मुनियार, जिलाधिकारी सी.एन. श्रीधर, योजना निदेशक बसनगौड़ा कोटूर, उपविभागीय अधिकारी गंगप्पा एम., नगर परिषद आयुक्त राजाराम पवार, पर्यावरण अधिकारी आनंद बद्दी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

