‘नम्मूरु नम्मा केरे’ योजना से पांबूर का ऐतिहासिक कुरुडाई तालाब पुनर्जीवितमूडुबेले ग्राम पंचायत में स्थित पांबूर का पुनर्जीवित कुरुदाई तालाब।

धर्मस्थल ग्राम विकास योजना और ग्रामीणों के सहयोग से 4.36 लाख रुपए की लागत से हुआ आंशिक विकास

उडुपी. कापू विधानसभा क्षेत्र के मूडुबेल्ले ग्राम पंचायत अंतर्गत स्थित पांबूर का ऐतिहासिक कुरुडाई तालाब ग्रामीणों की मांग पर ‘नम्मूरु नम्मा केरे’ योजना के तहत आंशिक रूप से विकसित किया गया है। कई वर्षों से गाद से भरकर बेकार पड़े इस तालाब को अब नया जीवन मिला है।

श्रीक्षेत्र धर्मस्थल ग्राम विकास योजना से 2.86 लाख रुपए की सहायता तथा पांबूर गांव के लोगों की ओर से एकत्रित 1.50 लाख रुपए मिलाकर कुल 4.36 लाख रुपए की लागत से तालाब का विकास किया गया है। तालाब की सफाई, गाद हटाने और तटबंध निर्माण का कार्य पूरा कर दिया गया है, जिससे आगामी मानसून में यहां पर्याप्त पानी संग्रहित होने की उम्मीद है।

करीब 1 एकड़ 60 सेंट क्षेत्र में फैले इस तालाब का इतिहास लगभग एक हजार वर्ष पुराना बताया जाता है। इसे बेल्ले ग्राम पंचायत क्षेत्र के पडुबेल्ले और पांबूर गांवों की जल आवश्यकता को ध्यान में रखकर बनाया गया था। यह तालाब आसपास के सैकड़ों एकड़ खेतों की सिंचाई का प्रमुख स्रोत रहा है और ग्राम पंचायत भी पेयजल आपूर्ति के लिए इसी पर निर्भर थी।

समुचित रखरखाव के अभाव में यह तालाब गाद से भर गया था, जिससे गर्मियों में ग्रामीणों को पानी की भारी समस्या झेलनी पड़ती थी। कई बार स्थानीय प्रशासन से अनुरोध करने के बावजूद केवल मामूली मरम्मत ही की गई। बाद में ग्रामीणों ने धर्मस्थल ग्राम विकास योजना के अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया।

योजना के अधिकारियों ने तुरंत पहल करते हुए तालाब विकास समिति के सहयोग से मात्र 21 दिनों में तालाब का विकास कार्य पूरा कराया। बताया गया कि यह धर्मस्थल ग्राम विकास योजना के तहत विकसित किया गया 847वां तालाब है।

पूर्व सदस्य और कुरुडाई तालाब विकास समिति के अध्यक्ष हरीश शेट्टी ने कहा कि बेल्ले ग्राम पंचायत क्षेत्र में आगे भी अन्य तालाबों का विकास किया जाना चाहिए, जिससे ग्रामीणों को स्थायी जलस्रोत मिल सके।

ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस वर्ष मानसून में तालाब में भरपूर पानी जमा होगा और क्षेत्र में पानी की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।

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By Bharat Ki Awaz

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