देश में अनिवार्य मतदान लागू हो: चंद्रुआम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री चंद्रु।

आप का चुनाव सुधारों पर जोर, 50% से कम मतदान पर चुनाव रद्द करने का सुझाव

दावणगेरे: आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री चंद्रु ने देश में अनिवार्य मतदान व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि जैसे अन्य कई नियम अनिवार्य हैं, उसी तरह मतदान को भी अनिवार्य बनाना चाहिए, जिससे लोकतंत्र और मजबूत होगा।

शनिवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में चंद्रु ने चुनाव प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए सुझाव दिया कि भारतीय चुनाव आयोग उम्मीदवारों से निर्धारित जमा राशि लेकर सभी को समान मंच उपलब्ध कराए। इससे धन और समय की अनावश्यक बर्बादी कम होगी।

उन्होंने प्रस्ताव रखा कि किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में यदि 50 प्रतिशत से कम मतदान होता है, तो उस चुनाव को रद्द कर देना चाहिए। साथ ही, जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि यदि विकास कार्य नहीं करते हैं, तो उन्हें वापस बुलाने की व्यवस्था भी लागू की जानी चाहिए।

दावणगेरे दक्षिण और बागलकोट उपचुनाव के संदर्भ में चंद्रु ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा के बीच आम आदमी पार्टी एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रही है और इसी को साबित करने के लिए पार्टी चुनाव मैदान में है।

चंद्रु ने परिवारवाद की राजनीति पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एक ही परिवार में मंत्री, सांसद और विधायक जैसे पदों का केंद्रीकरण लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने मतदाताओं से राजनीतिक बदलाव के पक्ष में मतदान करने की अपील की।

केंद्र सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धर्म और जाति आधारित राजनीति की जा रही है। साथ ही, अरविंद केजरीवाल के खिलाफ हुई कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते प्रभाव के कारण उसे निशाना बनाया जा रहा है।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *