इलकल (बागलकोट)। जैन स्थानक भवन में मुन्नालाल हस्तीमल कटारिया परिवार की ओर से ऋषभ कटारिया के 21 उपवास पूर्ण होने पर तप अनुमोदना समारोह आयोजित किया गया। जैन समाज की महिलाओं ने तप संबंधी भक्ति गीत प्रस्तुत कर आध्यात्मिक वातावरण का सृजन किया और तपस्वी की अनुमोदना की।
जैन बहु मंडल एवं जेपीपी जैन महिला फाउंडेशन की अध्यक्ष कल्पना कटारिया ने कहा कि जैन धर्म में उपवास केवल निराहार रहने का नाम नहीं, बल्कि मन, वचन और काया पर संयम रखते हुए धर्म-ध्यान एवं आराधना में लीन रहने की साधना है। तप से आत्मा निर्मल और पवित्र होती है तथा जीवन में आत्मिक शुद्धि और सकारात्मक परिवर्तन आता है। ऋषभ कटारिया द्वारा 21 उपवास का संकल्प पूरा करना युवाओं के लिए प्रेरणादायी है।
जैन युवा संघ के अध्यक्ष सुधीक कटारिया ने कहा कि मन पर नियंत्रण सबसे कठिन साधना है। ऋषभ कटारिया ने तप के माध्यम से कर्मों की निर्जरा का श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने सभी से धर्म के प्रति श्रद्धा और सात्विक जीवन अपनाने का आह्वान किया।
समारोह में जैन महिला मंडल, जैन युवा संघ, जेपीपी जैन महिला एवं युवा फाउंडेशन तथा माहेश्वरी समाज के सदस्यों ने ऋषभ कटारिया का शॉल ओढ़ाकर और माल्यार्पण कर सम्मान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ नवकार महामंत्र से हुआ। श्वेता भलगट ने संचालन किया तथा अभय कटारिया ने आभार व्यक्त किया।
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