चातुर्मास आत्मसाधना और जीवन परिवर्तन का पावन अवसर: मेहुलप्रभसागरविजयपुर में रविवार को भव्य शोभायात्रा के साथ साधु-साध्वियों ने किया चातुर्मास प्रवेश।

भव्य शोभायात्रा के साथ विजयपुर में साधु-साध्वियों का चातुर्मास प्रवेश

विजयपुर. श्रीपाश्र्व भवन जैन संघ के तत्वावधान में गणी मेहुलप्रभसागर, मुनि मयूखप्रभसागर, मुनि मंथनप्रभसागर, मुनि मीतप्रभसागर सहित साधु-साध्वी भगवंतों का चातुर्मास मंगल प्रवेश रविवार को भव्य शोभायात्रा के साथ संपन्न हुआ। जगवल्लभ पाश्र्वनाथ जिनालय के समक्ष सकल जैन समाज ने गाजे-बाजे और जयघोष के बीच उनका स्वागत किया।

श्रीपाश्र्व भवन जैन संघ में आयोजित समारोह में स्वागत गीत प्रस्तुत किए गए तथा संघ पदाधिकारियों ने चातुर्मास की महत्ता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर फलोदी (राजस्थान) निवासी गोपालचंद गोलछा परिवार ने गुरुपूजन का लाभ लिया, जबकि मांगीलाल चोपड़ा परिवार ने पारंपरिक विधि-विधान से साधु-साध्वियों को कामली अर्पित की।

धर्मसभा को संबोधित करते हुए गणी मेहुलप्रभसागर ने कहा कि चातुर्मास आत्मआराधना, तप और प्रवचन का पर्व है, जो जीवन में शांति और समाधि का भाव उत्पन्न करता है।
मुनि मयूखप्रभसागर ने कहा कि पूर्व जन्म के पुण्य से ही जिनशासन और भगवान महावीर के सिद्धांतों को अपनाने का अवसर मिलता है। उन्होंने चातुर्मास में धर्मानुकूल जीवन जीने का संदेश दिया। मुनि मंथनप्रभसागर एवं साध्वी हर्षप्रज्ञाश्री ने भी प्रेरणादायी उद्बोधन दिए।

समारोह में मांगीलाल चोपड़ा, वगतावरमल पारेख, महावीर पारेख, घेवरचंद तातेड़, संघ अध्यक्ष प्रवीण जैन, अशोक पोरवाल, रमेश जीरावला, महावीर श्रीश्रीमाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। संघ ने बताया कि आगामी चार माह तक नियमित प्रवचन, तप, आराधना एवं विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

 

 

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *