डीके शिवकुमार मंत्रिमंडल में जगह पाने की होड़एमबी पाटिल।

विजयपुर जिले के चार विधायक सक्रिय

एमबी पाटिल और शिवानंद पाटिल पुन: मंत्री बनने की दौड़ में, यशवंतरायगौड़ा पाटिल और सीएस नाडगौड़ा की उम्मीदें भी प्रबल

विजयपुर. कर्नाटक में 3 जून को प्रस्तावित नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण से पहले मंत्रिमंडल गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विजयपुर जिले के चार कांग्रेस विधायक नए मंत्रिमंडल में स्थान पाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहे हैं।

 

डीके शिवकुमार मंत्रिमंडल में जगह पाने की होड़
शिवानंद पाटिल।

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या के मंत्रिमंडल में भारी एवं मध्यम उद्योग मंत्री रहे एमबी पाटिल तथा गन्ना विकास, चीनी, वस्त्र एवं कृषि विपणन मंत्री रहे शिवानंद पाटिल फिर से मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए जोरदार पैरवी कर रहे हैं।

डीके शिवकुमार मंत्रिमंडल में जगह पाने की होड़
यशवंतरायगौड़ा पाटिल।

वहीं इंडी के विधायक यशवंतरायगौड़ा पाटिल और मुद्धेबिहाल के विधायक सीएस नाडगौड़ा पहली बार मंत्री बनने की उम्मीद लगाए हुए हैं और बताया जाता है कि दोनों ने दिल्ली स्तर पर भी संपर्क साधे हैं। दूसरी ओर पहली बार विधायक बने सिंदगी के अशोक मनगूली और नागठाण के विठ्ठल कटकधोंड ने भी नए चेहरों को अवसर देने की मांग उठाई है।

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि नए मंत्रिमंडल में “पुराने मंत्रियों के स्थान पर नए चेहरों को अवसर” देने का फार्मूला अपनाया गया तो यशवंतरायगौड़ा पाटिल और सीएस नाडगौड़ा की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं। विशेष रूप से यशवंतरायगौड़ा पाटिल तीन बार विधायक चुने जाने के बावजूद अब तक मंत्री नहीं बन पाए हैं। साथ ही इंडी क्षेत्र को भी अब तक मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व नहीं मिला है, जिससे उनके पक्ष में माहौल बनता दिखाई दे रहा है।

डीके शिवकुमार मंत्रिमंडल में जगह पाने की होड़
सीएस नाडगौड़ा।

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, यदि पूर्व मंत्रियों में से केवल एक को बरकरार रखा जाता है, तो एमबी पाटिल और शिवानंद पाटिल में से किसे मौका मिलेगा और नए चेहरों में किसे स्थान मिलेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।

इस बीच यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि यदि नए शासन में उपमुख्यमंत्री का पद सृजित किया जाता है और वह लिंगायत समुदाय को दिया जाता है, तो एमबी पाटिल एक मजबूत दावेदार हो सकते हैं। इसके अलावा कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष पद के लिए भी उनका नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है।

हालांकि मंत्रिमंडल गठन में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखा जाएगा, ऐसे में विजयपुर जिले को कितनी और किस स्तर की भागीदारी मिलती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

 

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