पॉक्सो मामले में वचनानंद स्वामी को झटका, हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत रद्द कीवचनानंद स्वामी।

तीन सप्ताह की अंतरिम राहत; सक्षम अदालत से नियमित जमानत लेने का निर्देश

बेंगलूरु। हरिहर स्थित पंचमसाली गुरुपीठ के पीठाधीश्वर वचनानंद स्वामी को पॉक्सो मामले में बड़ा कानूनी झटका लगा है। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने उन्हें दी गई अग्रिम जमानत (एंटिसिपेटरी बेल) रद्द कर दी है। हालांकि अदालत ने उन्हें तीन सप्ताह की अंतरिम सुरक्षा प्रदान करते हुए इस अवधि में सक्षम न्यायालय से नियमित जमानत लेने की छूट दी है।

पीड़ित पक्ष की याचिका पर सुनवाई

पीड़ित बालक की मां द्वारा दायर आपराधिक याचिका पर न्यायाधीश एम. नागप्रसन्न की पीठ ने सुनवाई की। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से दावा किया गया कि मामले के गवाहों और शिकायतकर्ता पक्ष को धमकाने से संबंधित एक अन्य मामला भी दर्ज किया गया है।

इस पर न्यायालय ने स्वामी को संयम बरतने की सलाह देते हुए टिप्पणी की कि, “कोई बयान न दें, शांत रहें।”

निचली अदालत के आदेश पर सवाल

उच्च न्यायालय ने कहा कि पॉक्सो और दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोपों वाले मामले में प्राथमिकी दर्ज होने से पहले ही अग्रिम जमानत दिए जाने की प्रक्रिया गंभीर प्रश्न खड़े करती है। अदालत ने इस तथ्य पर भी आश्चर्य व्यक्त किया कि शिकायत 7 मई 2026 को दी गई, प्राथमिकी 8 मई को दर्ज हुई, जबकि अग्रिम जमानत 6 मई को ही मंजूर कर दी गई थी।

सक्षम अदालत को निर्देश

उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि वचनानंद स्वामी नियमित जमानत के लिए आवेदन करते हैं तो संबंधित अदालत निर्णय लेने से पहले पीड़ित पक्ष की दलील भी अवश्य सुने।

क्या है मामला?

मामले के अनुसार, गदग जिले के लक्ष्मेश्वर थाना क्षेत्र में एक महिला ने 7 मई 2026 को शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि हरिहर स्थित मठ में बच्चों के साथ स्नानगृह में यौन उत्पीड़न किया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज की थी। घटना का स्थान दावणगेरे जिले के हरिहर क्षेत्र में होने के कारण मामला बाद में हरिहर ग्रामीण थाने को स्थानांतरित कर दिया गया था।

प्रमुख बिंदु

वचनानंद स्वामी की अग्रिम जमानत रद्द।
तीन सप्ताह तक गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण।
नियमित जमानत के लिए सक्षम अदालत का रुख करने की अनुमति।
पीड़ित पक्ष की सुनवाई के बाद ही जमानत पर निर्णय होगा।
प्राथमिकी से पहले जमानत मंजूर होने पर हाईकोर्ट ने गंभीर आपत्ति जताई।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

 

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *