चार दोषियों को 20 वर्ष जेल
शिवमोग्गा. जिले की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (एफटीएससी-1) ने एक नाबालिग बालिका से विवाह कर यौन शोषण करने वाले युवक और उसके तीन सहयोगियों को 20 वर्ष का कठोर कारावास सुनाया। अदालत ने चारों दोषियों पर कुल 1.85 लाख रुपए का जुर्माना लगाया और पीडि़ता को 4 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया।
अदालत का ऐतिहासिक निर्णय
न्यायाधीश निंगनगौड़ा बी. पाटील ने 20 जून (शनिवार) को यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। सरकारी पक्ष की ओर से अभियोजन का संचालन श्रीधर एच.आर. ने किया। अदालत ने कहा कि बाल विवाह और यौन अपराधों को किसी भी रूप में सहन नहीं किया जाएगा।
मामला दर्ज और जांच
यह मामला वर्ष 2024 में कुंसी थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था। आरोप था कि 27 वर्षीय युवक ने 17 वर्षीय किशोरी से विवाह कर उसका यौन शोषण किया। इस अपराध में उसके तीन रिश्तेदारों ने भी सहयोग किया। पुलिस निरीक्षक हरीश के. पाटील ने जांच पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
कानूनी आधार
अपराधियों पर पॉक्सो अधिनियम तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत मुकदमा चलाया गया। अदालत ने दोष सिद्ध होने पर कठोर सजा सुनाते हुए समाज को यह संदेश दिया कि नाबालिगों के साथ विवाह और यौन शोषण गंभीर अपराध हैं और इसके लिए कठोर दंड का प्रावधान है।
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