लोकायुक्त की जांच में 2020-25 के लाइसेंस वितरण की पड़ताल
कई आबकारी अधिकारियों पर शिकंजा
लाइसेंस आवंटन की जांच का दायरा बढ़ा
हुब्बल्ली. कर्नाटक में बार लाइसेंस आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर लोकायुक्त पुलिस ने जांच तेज कर दी है। जांच के दौरान वर्ष 2020 से 2025 के बीच जारी लाइसेंसों की समीक्षा की जा रही है। आबकारी विभाग के तत्कालीन अतिरिक्त आयुक्त वाई. मंजुनाथ के कार्यकाल में उनके परिजनों और करीबी लोगों के नाम पर बड़ी संख्या में लाइसेंस जारी किए जाने के आरोपों की जांच की जा रही है।
दस्तावेज खंगाल रही लोकायुक्त पुलिस
इसी क्रम में लोकायुक्त पुलिस ने हाल ही में बेंगलूरु शहरी और ग्रामीण जिलों के आबकारी विभाग के जिलाधिकारी कार्यालयों में छापेमारी कर संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच एजेंसी लाइसेंस आवंटन प्रक्रिया, अनुमोदन और नवीनीकरण से जुड़े रिकॉर्ड का परीक्षण कर रही है। आबकारी विभाग का कहना है कि लाइसेंस वितरण की प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी है, जबकि जांच एजेंसी कथित अनियमितताओं के पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
ईडी की कार्रवाई के बाद बढ़ी जांच
जून में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अतिरिक्त आयुक्त वाई. मंजुनाथ और उनसे जुड़े ठिकानों पर की गई छापेमारी के बाद लोकायुक्त ने भी जांच का दायरा बढ़ाया। जांच में कई लाइसेंसों के आवंटन को लेकर दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।
लाभार्थियों की भी होगी जांच
लोकायुक्त पुलिस अब कथित रूप से लाभ प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच करने की तैयारी में है। इसके अलावा विभिन्न जिलों के आबकारी उप आयुक्तों से उनके कार्यकाल में जारी लाइसेंसों का पूरा ब्यौरा मांगा गया है। आवश्यक दस्तावेजों के साथ अधिकारियों को पूछताछ के लिए भी तलब किए जाने की जानकारी सामने आई है।
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