जब सरकार चूकी, गांव ने सड़क बना दीप्रसिद्ध पर्यटन स्थल देवरमने को जोडऩे वाली बदहाल सडक़ की मरम्मत करते ग्रामीण।

प्रसिद्ध देवरमने पर्यटन स्थल की जर्जर सडक़ से परेशान ग्रामीण स्वयं उतरे मरम्मत में; स्थायी समाधान की मांग

कोट्टिगेहार (चिक्कमगलूरु). कर्नाटक के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल देवरमने को जोडऩे वाली सडक़ की बदहाल स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन का इंतजार करने के बजाय स्वयं ही सडक़ मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने अपने खर्च पर गड्ढे भरकर सडक़ को आंशिक रूप से दुरुस्त किया और संबंधित विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित करने का प्रयास किया।

पर्यटकों के लिए परेशानी का सबब

देवरमने की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के लिए प्रत्येक सप्ताहांत राज्य के विभिन्न हिस्सों से हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। लेकिन संपर्क मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे और उखड़ी सडक़ के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खराब सडक़ के चलते वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती है और सप्ताहांत में कई घंटे तक यातायात जाम की स्थिति बन जाती है।

ग्रामीणों ने खुद संभाली जिम्मेदारी

बार-बार शिकायतों के बावजूद सडक़ की मरम्मत नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने स्वयं आगे आकर सडक़ की मरम्मत शुरू की। इस दौरान सजीत, तारानाथ, सतीश, रंजीत, वीरेश सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

स्थानीय ग्रामीण गौतम कोगिले ने कहा कि देवरमने राज्य का प्रमुख पर्यटन स्थल है, लेकिन यहां की सडक़ पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। प्रतिदिन सैकड़ों वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं। कई बार मांग करने के बावजूद स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई। लोगों की सुरक्षा और सुगम यातायात को देखते हुए हमने स्वयं सडक़ की मरम्मत की है। संबंधित विभाग को जल्द से जल्द इस सडक़ का स्थायी रूप से विकास करना चाहिए।

ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि पर्यटन और स्थानीय आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस मार्ग का शीघ्र स्थायी पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा की सुविधा मिल सके।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

 

 

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *