पांच वर्षों में एनडीपीएस के 74 मामले दर्ज, 117 आरोपी गिरफ्तार
क्यूआर कोड से गुप्त सूचना देने की सुविधा शुरू
तस्करी रोकने के साथ जागरूकता अभियान भी तेज
रायचूर। जिले में बढ़ते मादक पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस विभाग ने विशेष अभियान तेज कर दिया है। गांजा की तस्करी और बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से विशेष टीमें गठित कर लगातार छापेमारी की जा रही है। स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है, जबकि संदिग्ध गतिविधियों पर तकनीकी और खुफिया तंत्र के माध्यम से नजर रखी जा रही है।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2022 से 2026 के बीच जिले में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 74 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 117 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 277.27 किलोग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 51.16 लाख रुपए है। केवल वर्ष 2026 में ही 11 मामलों में 27.52 लाख रुपए मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
वर्ष 2022 में 15 मामलों में 29 आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ 14.87 लाख रुपए मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए थे। वहीं 2025 में 18 मामलों में 28 आरोपियों को गिरफ्तार कर 3.96 लाख रुपए मूल्य का प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किया गया।
क्यूआर कोड से दे सकेंगे गुप्त सूचना
जिला पुलिस अधीक्षक अरणांग्षु गिरी ने कहा कि पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से जागरूक करने के लिए विद्यालयों, महाविद्यालयों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से अभियान भी चलाए जा रहे हैं। पुलिस ने क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली भी शुरू की है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी पहचान गोपनीय रखते हुए मादक पदार्थों की तस्करी या बिक्री की सूचना पुलिस तक पहुंचा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज के निर्माण में केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि अभिभावकों, शिक्षकों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

