उत्तर कन्नड़ में 35 सरकारी स्कूलों में एक भी प्रवेश नहींउत्तर कन्नड़ में 35 सरकारी स्कूलों में एक भी प्रवेश नहीं

लगातार घट रही विद्यार्थियों की संख्या

शून्य नामांकन वाले स्कूल अस्थायी रूप से रहेंगे बंद

तीन वर्ष तक पुन: प्रवेश की रहेगी प्रतीक्षा

कारवार। उत्तर कन्नड़ जिले में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। इसका सबसे बड़ा संकेत इस वर्ष 35 सरकारी स्कूलों में एक भी छात्र का प्रवेश नहीं होना है। शिक्षा विभाग ने ऐसे विद्यालयों को फिलहाल अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है।

तटीय क्षेत्र के पांच तालुकों वाले उत्तर कन्नड़ शैक्षणिक जिले में 20, जबकि घाट क्षेत्र के सात तालुकों वाले सिरसी शैक्षणिक जिले में 15 विद्यालय शून्य नामांकन वाले हैं। इनमें सिरसी की दो गैर-अनुदानित स्कूलें भी शामिल हैं। पिछले शैक्षणिक वर्ष में जिले के 21 सरकारी स्कूलों तथा वर्ष 2024-25 में 12 से अधिक विद्यालयों में भी कोई प्रवेश नहीं हुआ था।

बेहतर शैक्षणिक माहौल के लिए बदले स्कूल

उत्तर कन्नड़ शैक्षणिक जिले की उपनिदेशक लता नायक ने बताया कि अधिकांश शून्य नामांकन वाले विद्यालय कनिष्ठ प्राथमिक स्कूल हैं। कारवार के अमदल्ली स्थित जडिगड्डा सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय में दो छात्र थे, लेकिन उन्हें भी पास के कर्नाटक पब्लिक स्कूल में प्रवेश दिला दिया गया, जिससे वह विद्यालय भी अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।

उन्होंने बताया कि जिन विद्यालयों में केवल एक-दो विद्यार्थी थे, वहां उपयुक्त शैक्षणिक वातावरण नहीं होने के कारण अभिभावकों ने स्वयं बच्चों को निकटवर्ती स्कूलों में दाखिला दिलाया। इन विद्यालयों के शिक्षकों और मध्याह्न भोजन कर्मचारियों को आसपास के अन्य स्कूलों में तैनात किया गया है।

सिरसी शैक्षणिक जिले के उपनिदेशक डी.आर. नायक ने कहा कि शून्य नामांकन वाले विद्यालयों को केवल अस्थायी रूप से बंद किया जाएगा। उनकी इमारत और अन्य सुविधाओं को सुरक्षित रखा जाएगा। अगले तीन वर्षों तक विद्यार्थियों के प्रवेश की संभावना बनी रहेगी। यदि इस अवधि में नामांकन होता है तो संबंधित विद्यालयों को फिर से शुरू किया जाएगा।

 

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By Bharat Ki Awaz

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