बगरहुकुम भूमि पर किसानों को बड़ा झटका, 96.32% आवेदन खारिजबगरहुकुम भूमि पर किसानों को बड़ा झटका, 96.32% आवेदन खारिज

17,568 किसान परिवारों पर संकट

दस्तावेजों की कमी और भूमि की पात्रता नहीं होने से बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त

बेलगावी। पीढिय़ों से सरकारी भूमि पर खेती कर रहे किसानों को बगरहुकुम जमीन नियमित होने की उम्मीद थी, लेकिन बेलगावी जिले में बड़ी संख्या में आवेदन खारिज होने से हजारों किसान परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया है। जिले में बगरहुकुम खेती को नियमित करने के लिए दाखिल 18,238 आवेदनों में से 17,568 आवेदन यानी 96.32 प्रतिशत खारिज कर दिए गए हैं। केवल 671 आवेदनों को स्वीकार किया गया है।

जिलाधिकारी स्तर पर ही खारिज हुए आवेदन

सरकार की ‘अक्रम-सक्रम’ योजना के तहत किसानों ने खेती की जा रही जमीन का अधिकार-पत्र (पट्टा) पाने के लिए आवेदन किया था। हालांकि, कड़े नियमों के कारण कई आवेदन बगरहुकुम समिति के समक्ष प्रस्तुत किए बिना ही जिलाधिकारी स्तर पर खारिज किए जाने की शिकायत सामने आई है।

ये बने आवेदन खारिज होने के कारण

अधिकांश आवेदन खानापुर, यरगट्टी, रामदुर्ग, कित्तूर, बेलगावी और हुक्केरी तालुकों से आए थे। अधिकारियों के अनुसार कई मामलों में आवेदक की उम्र निर्धारित सीमा से कम थी। कुछ जमीनें गुंडुतोपु, देवरकाडु, सार्वजनिक उपयोग अथवा बफर जोन में पाई गईं। बड़ी संख्या में भूमि वन विभाग या सरकारी आरक्षित क्षेत्र में भी होने की बात सामने आई है।

कुछ किसानों ने वर्ष 2020-21 के बाद जमीन पर खेती शुरू की थी, जबकि कई मामलों में खेती करने के पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। इन कारणों से आवेदन पात्र नहीं पाए गए।

हजारों परिवारों का भविष्य अधर में

सवदत्ती से 1,470, हुक्केरी से 1,509, खानापुर से 1,968, यरगट्टी से 2,182, रामदुर्ग से 2,497, कित्तूर से 2,734 और बेलगावी तालुक से 2,865 आवेदन प्राप्त हुए थे। अधिकारियों के अनुसार, खारिज किए गए आवेदकों को अपील का अवसर उपलब्ध है।

बगरहुकुम भूमि के लिए आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होना, संबंधित या पड़ोसी तालुक का स्थायी निवासी होना तथा निर्धारित अवधि से लगातार अनधिकृत खेती का प्रमाण होना प्रमुख पात्रताओं में शामिल है।

किसानों के हितों की रक्षा की जा रही है

बेलगावी जिले में दाखिल अधिकांश बगरहुकुम आवेदनों का नियमों के अनुसार निपटारा किया गया है। कुछ आवेदन अभी जांच के चरण में हैं। इसके बावजूद खेती करने वाले लोगों को बेदखल नहीं किया जा रहा है और उनके हितों की रक्षा की जा रही है।

मोहम्मद रोशन, जिलाधिकारी, बेलगावी

 

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By Bharat Ki Awaz

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