आल्वास मेडिकल कॉलेज को तुलु अल्पसंख्यक दर्जाआल्वास मेडिकल कॉलेज को तुलु अल्पसंख्यक दर्जा

150 एमबीबीएस सीटों में तुलु भाषी विद्यार्थियों के लिए 54 सीटें आरक्षित

मूडबिद्री (दक्षिण कन्नड़)। आलवास शिक्षा प्रतिष्ठान के अधीन संचालित आलवास इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर को तुलु अल्पसंख्यक शिक्षण संस्था कोटे के तहत मंजूरी मिली है। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए संस्थान को कुल 150 एमबीबीएस सीटों की स्वीकृति मिली है। इनमें से 54 सीटें तुलु भाषी विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध होंगी।

तुलु समुदाय के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासकर तटीय कर्नाटक के तुलु भाषी विद्यार्थियों के लिए अपने ही क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का यह बेहतर अवसर होगा।

संस्थान में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को व्यावहारिक और क्लिनिकल प्रशिक्षण देने के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। आलवास चिकित्सा व्यवस्था के तहत 650 बिस्तरों वाला सुसज्जित अस्पताल संचालित हो रहा है। इससे एमबीबीएस विद्यार्थियों को विभिन्न चिकित्सा विभागों में व्यावहारिक अनुभव और क्लिनिकल प्रशिक्षण प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

विद्यार्थियों की आवास संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संस्थान की ओर से छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इससे दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ सुरक्षित और सुविधाजनक आवास की सुविधा मिल सकेगी।

 

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By Bharat Ki Awaz

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