अनुदान के अभाव में झाड़ियों से पट रहीं तुंगभद्रा की नहरेंकविताल के समीप लक्ष्मीनारायण कैंप के पास कांटेदार पौधों और झाडिय़ों से भरी वितरण नहर।

कविताल (रायचूर)। पर्याप्त अनुदान और रखरखाव के अभाव में जिले के किसानों की जीवनरेखा मानी जाने वाली तुंगभद्रा बाईं तट नहर की वितरण नहरें झाडिय़ों और कांटेदार पौधों से भर गई हैं। बजट की कमी के कारण नहरों के साथ-साथ सेवा सडक़ें भी बदहाल होती जा रही हैं।

कविताल उपखंड क्षेत्र में तुंगभद्रा बाईं तट की वितरण नहरों के आसपास कांटेदार झाडिय़ां तेजी से बढ़ रही हैं। स्थिति यह है कि कई जगह नहरें झाडिय़ों में छिपती जा रही हैं। किसानों का आरोप है कि शटर खराब होने से पानी के नियंत्रण की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

मुख्य नहर के 71 से 86 और 62 से 74 माइल क्षेत्र में कुल 8 वितरण नहरें हैं। सरकार ने वर्ष 2009 से 2014 के बीच मैकेनिकल पेवर लाइनिंग का काम कराकर इनके स्थायी रखरखाव की दिशा में कदम उठाया था।

मजदूरों के वेतन के अलावा नहीं मिला अतिरिक्त अनुदान

स्थायी मरम्मत के बाद पानी प्रबंधन के लिए आउटसोर्स आधार पर लगाए गए मजदूरों के वेतन को छोडक़र अतिरिक्त अनुदान जारी नहीं किया गया। इससे नहरों के आसपास उगी झाडिय़ों और कांटेदार पौधों को हटाने तथा सेवा सडक़ों की मरम्मत जैसे छोटे-छोटे काम भी नहीं हो पा रहे हैं। नतीजतन नहरें धीरे-धीरे झाडिय़ों से ढकती जा रही हैं।

वर्तमान में कविताल उपखंड में एक सहायक कार्यकारी अभियंता, दो सहायक अभियंता और एक कनिष्ठ अभियंता कार्यरत हैं। वहीं दो सहायक अभियंता, तीन कनिष्ठ अभियंता और राजस्व निरीक्षक सहित कई पद खाली हैं।

किसान डी. मुरली और एम. बालू ने बताया कि नहर के किनारे की सेवा सडक़ पर कांटेदार झाडिय़ां उग आई हैं। इससे पानी के प्रवाह के साथ वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है।

किसान मृत्युंजय स्वामी गूगेबाल ने वितरण नहरों के आसपास की झाडिय़ों को तत्काल हटाकर आवागमन सुगम बनाने की मांग की।

जर्जर पुल बना खतरा

गूगेबाल के पास नाले पर बना पुल जर्जर हो गया है और हादसे को न्योता दे रहा है। गूगेबाल पुल से लक्ष्मीनारायण कैंप को जोडऩे वाली सडक़ पर पुल की सुरक्षा दीवारें टूट चुकी हैं। एक ओर मुख्य नहर और दूसरी ओर कांटेदार झाडिय़ों से भरा गहरा नाला होने के कारण दोपहिया वाहन चालकों के थोड़ी सी चूक करने पर दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

नहर निर्माण के समय बनाया गया यह पुल बेहद संकरा है। दोपहिया वाहनों के अलावा अन्य वाहनों की आवाजाही में परेशानी होती है। आमने-सामने वाहन आने पर एक-दूसरे को रास्ता देना भी मुश्किल है। मोड़ लेते समय वाहन पुल की सुरक्षा दीवार से टकराने का खतरा रहता है।

किसान आर. सत्यनारायण और एन. आदिनारायण ने मौजूदा यातायात को देखते हुए पुल का विस्तार करने की मांग की है।

कार्रवाई की जाएगी

अतिरिक्त अनुदान के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। गर्मियों में रखरखाव के लिए मजदूरों की सेवाएं लेने की अनुमति भी मांगी गई है। सरकार के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विद्यसागर, एईई, जल संसाधन विभाग, कविताल उपखंड

 

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By Bharat Ki Awaz

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