कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति ने किसानों को वैज्ञानिकों की सलाह से कीट-रोग प्रबंधन की दी जानकारी
हुब्बल्ली। कृषि विश्वविद्यालय, धारवाड़ के कुलपति डॉ. एन.बी. प्रकाश ने किसानों से सरकार की कृषि योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने तथा कपास की फसल में कीट एवं रोगों के नियंत्रण के लिए वैज्ञानिकों की सलाह लेने का आह्वान किया।
वर्ष 2025-26 की अखिल भारतीय समन्वित कपास फसल योजना के तहत धारवाड़ जिले के करडिगुड्ड, बैल्याल, शिरकोळ, मोरब, तिरलापुर, जंतली और शानवाड़ गांवों के चयनित किसानों के खेतों में कुल 70 अग्रिम प्रदर्शन आयोजित किए गए।
देशी कपास की उन्नत किस्म का प्रदर्शन
इनमें पांच अग्रिम प्रदर्शनों के तहत कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित देशी कपास की किस्म डीडीएचसी-11 का प्रदर्शन गदग तालुक के जंतली गांव में किया गया। वहीं 20 प्रदर्शनों में अंतरवर्ती फसल तथा अधिक घनत्व वाली कपास की खेती की तकनीक करडिगुड्ड, शिरकोळ और बैल्याल गांवों में अपनाई गई।
इसके अलावा नवलगुंद तालुक के तिरलापुर और शानवाड़ में कपास में पत्तियों के लाल होने की समस्या के नियंत्रण तथा अधिक घनत्व वाली फसल में पौध वृद्धि नियामकों के छिडक़ाव के 15 प्रदर्शन किए गए। शेष 30 प्रदर्शनों में मोरब गांव में कपास की फसल को प्रभावित करने वाले कीट एवं रोगों के नियंत्रण के लिए कीटनाशकों के प्रयोग का प्रदर्शन किया गया।
कृषि सामग्री वितरित
28 अगस्त को कृषि अनुसंधान केंद्र, धारवाड़ फार्म में चयनित किसानों को कृषि सामग्री वितरित की गई। कुलपति डॉ. एन.बी. प्रकाश ने प्रत्येक किसान को करीब 8,000 से 9,000 रुपए मूल्य की कृषि सामग्री प्रदान की। उन्होंने किसानों से योजनाओं का लाभ उठाने और फसल संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए वैज्ञानिकों से सलाह लेने की अपील की। साथ ही दूरभाष और वाट्सऐप के माध्यम से भी कृषि विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी।
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