सुप्रीम कोर्ट ने एसआइटी से पुन: जांच के दिए आदेश, तीन माह में रिपोर्ट
पिछली जांच पर उठे सवालों के बीच असली गुनहगार तक पहुंचने की कोशिश
बेल्तंगड़ी (दक्षिण कन्नड़)। धर्मस्थल की सौजन्या दुष्कर्म-हत्या मामले में 14 साल बाद एक बार फिर जांच की राह खुल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की पुन: जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने एसआइटी को तीन महीने के भीतर अनुपालन रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
17 वर्षीय सौजन्या 9 अक्टूबर 2012 को उजीरे में कॉलेज से घर लौटते समय लापता हुई थी। अगले दिन धर्मस्थल के निकट नेत्रावती नदी के पास उसका शव मिला था। पोस्टमार्टम में उसके साथ यौन हिंसा के बाद हत्या की पुष्टि हुई थी। मामले की जांच पहले स्थानीय पुलिस, फिर सीआइडी और बाद में सीबीआइ ने की। सीबीआइ जांच के बाद संतोष राव को आरोपी बनाया गया था, लेकिन जून 2023 में विशेष अदालत ने उन्हें बरी कर दिया।
इसके बाद सौजन्या के परिवार की ओर से नए सिरे से जांच की मांग जारी रही। 2024 में मामला कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंचा, जहां याचिका खारिज होने के बाद परिवार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
सुप्रीम कोर्ट ने पुरानी जांच की खामियों पर गंभीर टिप्पणी करते हुए नई एसआइटी से जांच कराने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि पीडि़ता को न्याय दिलाने के लिए उचित जांच और वास्तविक दोषियों को कानून के कटघरे में लाना जरूरी है।
धर्मस्थल ने किया स्वागत
श्रीक्षेत्र धर्मस्थल मंदिर कार्यालय के प्रबंधक पाश्र्वनाथ जैन ने कहा कि सौजन्या को न्याय मिलना श्रीक्षेत्र की दृढ़ इच्छा है। उन्होंने पुन: जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कर मामले को तार्किक अंत तक पहुंचाने की उम्मीद जताई।
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