41 साल पुराना सौपर्णिका विश्राम गृह जर्जरजर्जर पड़ा सौपर्णिका विश्राम गृह।

पुनर्निर्माण की फाइल अटकी

कोल्लूर मुकांबिका मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच आवास संकट

नए भवन के लिए 16 करोड़ रुपए का प्रस्ताव सरकार को भेजा

उडुपी। कोल्लूर मुकांबिका मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवास की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। मंदिर का सौपर्णिका विश्राम गृह वर्षों से जर्जर होकर अब उपयोग के लायक नहीं बचा है और कभी भी ढहने की स्थिति में पहुंच चुका है। इसके पुनर्निर्माण के लिए करीब 16 करोड़ रुपए का अनुमानित प्रस्ताव और नक्शा सरकार को भेजा जा चुका है, लेकिन आगे की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हुई है।

नए भवन के निर्माण की मांग

वर्ष 1985 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रामकृष्ण हेगड़े ने सौपर्णिका विश्राम गृह का उद्घाटन किया था। यह कोल्लूर क्षेत्र का पहला विश्राम गृह था। भवन में 24 कमरे थे। समय के साथ इमारत की हालत बिगड़ती गई और अब इसे उपयोग के लिए अनुपयुक्त माना जा रहा है। मंदिर प्रशासन ने इसके स्थान पर नए भवन के निर्माण की मांग की है।

निजी होटल भी पड़ रहे कम

कोल्लूर में मंदिर के अलावा बड़ी संख्या में निजी विश्राम गृह और होटल हैं, लेकिन तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण यहां उपलब्ध आवास पर्याप्त नहीं पड़ रहा। मंदिर और निजी आवासीय सुविधाएं भर जाने पर श्रद्धालुओं को हेम्माडी और कुंदापुर तक ठहरने के लिए जाना पड़ रहा है। ऐसे में सौपर्णिका की जगह नया विश्राम गृह बनाने की मांग जोर पकड़ रही है।

मंदिर के अपने आवास भी फुल

मंदिर की ओर से संचालित सौपर्णिका, ललितांबिका और गोयंका विश्राम गृह भी नियमित रूप से भर जाते हैं। ललितांबिका में 150 कमरे और जगदंबिका में 50 कमरे हैं। इसके अलावा माता छत्र और गोयंका में भी श्रद्धालुओं के लिए आवास की सुविधा है।

मुरुडेश्वर के उद्योगपति आर.एन. शेट्टी और डॉ. जी. शंकर परिवार के ट्रस्ट की ओर से निर्मित कुछ आवासीय सुविधाएं विशिष्ट अतिथियों के लिए आरक्षित होने के कारण आम श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कमरे और कम पड़ जाते हैं।

टेंडर के बाद शुरू होगा निर्माण

सौपर्णिका विश्राम गृह के पुनर्निर्माण के लिए 16 करोड़ रुपए की लागत का अनुमान और ब्लू प्रिंट सरकार को सौंपा गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भवन निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
–प्रशांत कुमार शेट्टी, कार्यकारी अधिकारी, मुकांबिका मंदिर

 

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By Bharat Ki Awaz

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