6-7 महीने चलेगा खनिज सर्वे
कोम्पदवु-मुचूर क्षेत्र में केंद्र की टीम ने जुटाए नमूने, 1.2 वर्ग किमी में विस्तृत जांच
बॉक्साइट की पुष्टि हुई तो खनन-ढुलाई पर बदल सकते हैं नियम
मेंगलूरु। दक्षिण कन्नड़ जिले के कोम्पदवु क्षेत्र की मुर मिट्टी में बॉक्साइट के अंश मिलने की सूचना के बाद केंद्र सरकार के भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआइ) की टीम ने जांच शुरू कर दी है। केंद्रीय टीम ने क्षेत्र से मिट्टी के नमूने एकत्र किए हैं। अब इन नमूनों की रासायनिक जांच सहित विस्तृत सर्वे किया जाएगा। टीम करीब छह से सात महीने जिले में रहकर प्रारंभिक अन्वेषण करेगी और इसके बाद रिपोर्ट केंद्र को सौंपेगी।
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के सर्वे में कोम्पदवु क्षेत्र की मुर मिट्टी में अल्यूमिनस लेटराइट और बॉक्साइट ग्रेड मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद केंद्र ने खनिज की वास्तविक स्थिति और गुणवत्ता की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम भेजी है।
1.2 वर्ग किमी क्षेत्र में जांच
खनिज अन्वेषण के लिए भूवैज्ञानिक मनीष लाल एम. और वरिष्ठ भूवैज्ञानिक अनुपमा एलसी. को जिम्मेदारी दी गई है। टीम को कोम्पदवु और मुचूर गांवों के विभिन्न हिस्सों से रासायनिक विश्लेषण के लिए नमूने लेने हैं। इसके साथ 1.2 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का विस्तृत मानचित्र तैयार करने, 220 मीटर तक ड्रिलिंग, 20 क्यूबिक मीटर तक गड्ढों की खुदाई और ट्रेंचिंग करने की योजना है।
जिला प्रशासन को भेजे गए केंद्रीय विभाग के पत्र में जांच के दौरान टीम को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुर मिट्टी की बड़े पैमाने पर ढुलाई पर उठे सवाल
दक्षिण कन्नड़ में मुर मिट्टी से लाल पत्थर निकालकर लंबे समय से निर्माण कार्यों में इस्तेमाल किया जाता रहा है। आरोप है कि बाद में तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के सीमेंट उद्योगों की मांग बढऩे के साथ इसकी बड़े पैमाने पर दूसरे राज्यों में ढुलाई शुरू हुई। स्थानीय स्तर पर मुर मिट्टी के संरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन भी हुए हैं।
जानकारों के अनुसार, मुर मिट्टी में खनिज ग्रेड के आधार पर अलग-अलग गुणवत्ता पाई जाती है। 30 से अधिक ग्रेड को बॉक्साइट की श्रेणी में माना जाता है। कोम्पदवु क्षेत्र में 30 से अधिक ग्रेड मिलने की सूचना के बाद अब केंद्रीय स्तर पर इसकी वैज्ञानिक पुष्टि की जा रही है।
तीन साल पहले उठाया था मुद्दा
करावली की मुर मिट्टी में बॉक्साइट की संभावनाओं और दूसरे राज्यों की सीमेंट फैक्ट्रियों तक इसकी ढुलाई को लेकर करीब तीन साल पहले भी विशेष रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। अब केंद्रीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की टीम द्वारा वैज्ञानिक जांच शुरू किए जाने से इस मुद्दे को फिर से बल मिला है।
जांच करेगी टीम
एडपदवु और कोम्पदवु क्षेत्र की मुर मिट्टी में बॉक्साइट अंश होने की सूचना के आधार पर भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की टीम जांच करेगी। करीब छह-सात महीने तक अन्वेषण के बाद रिपोर्ट दी जाएगी। बॉक्साइट की पुष्टि होने पर केंद्र सरकार आगे के निर्देश जारी करेगी।
–दिलीप, सहायक निदेशक, भू एवं खान विज्ञान विभाग, दक्षिण कन्नड़
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