अतिवृष्टि से फसल नुकसानकेंभावी समीप के आलाल गांव के खेत में भारी अतिवृष्टि से हुए फसल नुकसान का निरीक्षण करते हुए मंत्री शरणबसप्पा दर्शनापुर।

मंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर किसानों की समस्याएं सुनीं

यादगीर. जिले के केंभावी में अतिवृष्टि से प्रभावित फसल क्षेत्रों का सोमवार को जिला प्रभारी मंत्री शरणबसप्पा दर्शनापुर ने दौरा कर निरीक्षण किया और किसानों की समस्याएं सुनीं।

कस्बे के समीप के आलाल गांव में मंत्री ने तुअर की फसल का नुकसान देखा और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया। इस बार जिले में औसत बरिश से अधिक बारिश होने के कारण कपास, तुअर और अन्य निचले क्षेत्र की फसलें प्रभावित हुई हैं।

किसानों ने कहा कि पहले से ही अधिक बारिश के कारण फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। हमने संबंधित विभाग को सभी जानकारी दे दी है। बारिश लगातार जारी है और अगले कुछ दिनों में और अधिक तुअर और कपास की फसलें प्रभावित होने की संभावना है। इसे अधिकारियों को ध्यान में रखना चाहिए, अन्यथा किसानों को गंभीर परेशानी होगी।

किसानों की बातों का समर्थन करते हुए मंत्री शरणबसप्पा दर्शनापुर ने कहा कि अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार अब तक जिले में 25,000 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल नुकसान हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर प्रभावित एकड़ का सर्वेक्षण कर पांच दिनों के भीतर सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जुलाई और अगस्त में हुई अतिवृष्टि के कारण व्यापक स्तर पर फसलें प्रभावित हुई हैं। इससे किसानों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार उनके लिए प्रतिबद्ध है। फसल बीमा मुआवजे के मुद्दे को भी किसानों ने उठाया है, जिसे केडीपी की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।

निरीक्षण में तहसीलदार एच.ए. सरकावस, डीसीसी बैंक निदेशक बापुगौड़ा पाटील, शिवमहांत चंदापुर, बसनगौड़ा यालगी, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष महिपालरड्डी शिग्गावी, बसवराज चिंचोली, तालुक पंचायत ईओ बसवराज सज्जन, कृषि विभाग सहायक निदेशक रामनगौड़ा, राजस्व निरीक्षक राजेसाब, वादिराज कुलकर्णी, भ्रामदेव और काशिनाथ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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By Bharat Ki Awaz

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