सौहार्द से मनाएं गणेशोत्सव, रात 10 बजे बाद डीजे पर रोकहुब्बल्ली के आर.एन. शेट्टी कल्याण मंडप में सोमवार को गणेशोत्सव के मद्देनजर आयोजित सौहार्द बैठक का उद्घाटन करते विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु।

पुलिस आयुक्त भुषण बोरसे ने कहा—उत्सव खुशी का कारण बने, किसी के लिए परेशानी या दुख का नहीं

हुब्बल्ली। शहर के आर.एन. शेट्टी कल्याण मंडप में सोमवार को गणेशोत्सव के मद्देनजर आयोजित सौहार्द बैठक में जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न गणेश मंडलों के पदाधिकारियों ने उत्सव को शांतिपूर्ण, अनुशासित और सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाने पर चर्चा की। बैठक में सडक़, यातायात, विसर्जन मार्ग, सुरक्षा, डीजे, पार्किंग और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठे।

पुलिस आयुक्त भूषण बोरसे ने स्पष्ट किया कि गणेशोत्सव के दौरान रात 10 बजे के बाद डीजे की अनुमति नहीं होगी। पारंपरिक वाद्य यंत्रों को रात 12 बजे तक अनुमति रहेगी। उन्होंने कहा कि संगीत की ध्वनि निर्धारित सीमा से अधिक होने पर पहले चेतावनी और बाद में मामला दर्ज किया जाएगा। डीजे संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। डीजे के अत्यधिक शोर से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर घटनाएं हुई हैं। “उत्सव खुशी का कारण बने, दुख का नहीं।”

उन्होंने गणेश मंडलों से अनुमति लेकर ही मूर्ति स्थापित करने, पंडालों में सीसीटीवी लगाने और पुलिस तथा एंबुलेंस के लिए पर्याप्त रास्ता छोडऩे की अपील की। 10 फीट से अधिक ऊंची मूर्तियों के लिए हुब्बल्ली विद्युत आपूर्ति कंपनी (हेस्कॉम) को सूचना देने को कहा गया। बड़े आकार की मूर्तियों के लिए रूट मैप की जांच और आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी आर. स्नेहल ने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान किसी भी परिस्थिति में शांति भंग नहीं होनी चाहिए। जाति या धर्म के नाम पर कानून-व्यवस्था बिगाडऩे की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं और हरित पटाखों के उपयोग पर जोर दिया।

सडक़ और नागरिक सुविधाओं की मांग

बैठक में गणेश मंडलों के पदाधिकारियों ने शहर की बदहाल सडक़ों, गड्ढों, नालियों, स्ट्रीट लाइट, पेयजल, पार्किंग और विसर्जन स्थलों की समस्याएं उठाईं। संतोषनगर तालाब में बड़ी संख्या में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन होता है, लेकिन वहां पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की शिकायत की गई। पंडालों के आसपास तथा विसर्जन मार्गों पर अस्थायी रूप से गड्ढे भरने और पेड़ों की शाखाएं हटाने की मांग भी हुई।

महापौर दुर्गम्मा बिजवाड़ ने कहा कि महानगर निगम की ओर से गड्ढों की मरम्मत, पेयजल, मोबाइल शौचालय और एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। दर्शनार्थियों के लिए बैरिकेडिंग और प्रसाद के लिए डस्टबिन उपलब्ध कराए जाएंगे।

विधायक महेश टेंगिनकाई ने कहा कि विसर्जन जुलूस के मार्ग में आने वाली समस्याओं का अध्ययन कर वैकल्पिक मार्ग चिह्नित किया गया है। उन्होंने मंडलों से अनुशासन के साथ उत्सव मनाने का आग्रह किया।

सौहार्द की मिसाल बने हुब्बल्ली

धारवाड़ रामकृष्ण मठ के विजयानंद सरस्वती स्वामी ने कहा कि त्योहार के नाम पर भय का वातावरण नहीं बनना चाहिए। मंदिर संस्कृति और संस्कारों के केंद्र बनें तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा मिले।

मुस्लिम धर्मगुरु ताजुद्दीन कादरी ने सभी समुदायों से मिलकर उत्सव मनाने की अपील की। फादर सुनीलकुमार ने कहा कि त्योहार खुशियां बांटने के लिए होते हैं और किसी की धार्मिक भावना आहत नहीं होनी चाहिए।

डीसीपी रवीश सी.आर. ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में गणेशोत्सव शांतिपूर्ण रहा है और सभी के सहयोग से सौहार्द की परंपरा कायम रही है।

950 प्रतिमाएं हुई थीं स्थापित

पिछले वर्ष शहर में करीब 950 गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। इस बार भी पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी की है। करीब 500 होमगार्ड समेत अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी और यातायात निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। सोशल मीडिया पर अफवाह, आपत्तिजनक या भडक़ाऊ सामग्री साझा करने वालों पर भी नजर रखी जाएगी।

बैठक में तहसीलदार महेश गस्ते, महानगर निगम आयुक्त रुद्रेश घाली, विधान परिषद सदस्य प्रदीप शेट्टर, उपमहापौर रत्नाबाई नाजरे, प्रो. आई.जी. सनदी, डीसीपी श्रुति एन.एस., महेंद्र सिंघी, अल्ताफ हल्लूर. अल्ताफ कित्तूर, गुरुनाथ उल्लिकाशी, सतीश मेहरवाड़े, प्रेमनाथ चिक्कतुंबल, बशीर हल्लूर, शिवु मेणसिनकाई सहित विभिन्न गणेश मंडलों के पदाधिकारी और धर्मगुरु मौजूद थे।

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By Bharat Ki Awaz

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