कर्नाटक में सरकारी स्कूलों का घटा नामांकन

एक वर्ष में 66 हजार से अधिक विद्यार्थियों की कमी

तीन साल में करीब दो लाख छात्रों का घटा दाखिला

हुब्बल्ली. कर्नाटक में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। वर्ष 2025-26 में सरकारी विद्यालयों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 66,037 कम रही है। प्राथमिक से लेकर प्री-यूनिवर्सिटी (पीयूसी) स्तर तक के नामांकन के आंकड़ों ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।

केंद्रीय शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025-26 में राज्य के सरकारी, अनुदानित और निजी विद्यालयों में कुल 1,17,14,214 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ, जबकि 2024-25 में यह संख्या 1,17,80,251 और 2023-24 में 1,19,26,303 थी। इस प्रकार तीन वर्षों में कुल नामांकन में करीब दो लाख विद्यार्थियों की कमी दर्ज की गई है।

सरकारी स्कूलों से निजी संस्थानों की ओर रुझान

रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी स्कूलों में लगातार नामांकन घट रहा है, जबकि निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है। वर्ष 2025-26 में निजी स्कूलों में 58.61 लाख, सरकारी स्कूलों में 45.40 लाख तथा अनुदानित स्कूलों में 13.13 लाख विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया।

अधिकारियों का कहना है कि नामांकन में सबसे अधिक गिरावट प्री-यूनिवर्सिटी (पीयूसी) स्तर पर दर्ज की गई है, जबकि प्राथमिक स्तर पर इसका असर अपेक्षाकृत कम रहा।

तीन वर्षों में बड़ा बदलाव

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में भी नामांकन में भारी गिरावट आई थी। वर्ष 2023-24 की तुलना में उस समय 1,46,052 विद्यार्थियों की कमी दर्ज की गई थी। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि इस वर्ष गिरावट की रफ्तार पहले की तुलना में कम रही है और सभी प्रकार के स्कूलों के संयुक्त आंकड़ों में बड़ा अंतर नहीं है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम और द्विभाषी शिक्षा शुरू किए जाने के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं। उनका कहना है कि रिक्त शिक्षक पदों को शीघ्र भरना, आधारभूत सुविधाओं में सुधार तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।

पूर्व शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने कहा कि पहले नामांकन में तीन लाख तक की गिरावट देखने को मिलती थी, जबकि इस बार कमी का दायरा अपेक्षाकृत घटा है। पिछले वर्ष की तुलना में पीयूसी स्तर पर नामांकन अनुपात में सुधार दर्ज किया गया है।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

 

 

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *