आपातकालीन कॉल तीन गुना तक बढ़ीं
उडुपी में जनता और पुलिस के बीच मजबूत हुआ संबंध
112 सेवा में पति-पत्नी के झगड़ों की ही शिकायतें अधिक
उडुपी. जनता और पुलिस के बीच की दूरी कम करने तथा सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई घर-घर पुलिस योजना को उडुपी जिले में उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। योजना के तहत पुलिसकर्मियों द्वारा सीधे घर-घर जाकर लोगों से संवाद स्थापित करने के बाद आपातकालीन हेल्पलाइन 112 पर आने वाली कॉलों की संख्या दो से तीन गुना तक बढ़ गई है।
जुलाई 2025 में शुरू की गई इस योजना के तहत पुलिसकर्मियों ने जिले के घरों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनीं और जरूरत पडऩे पर हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। कुछ ही महीनों में यह अभियान पूरा कर लिया गया।
112 सेवा पर बढ़ा लोगों का भरोसा
पहले जहां प्रतिदिन 14 से 15 कॉल ही प्राप्त होती थीं, वहीं अब यह संख्या बढक़र 25 से 35 तक पहुंच गई है। जिले में 112 सेवा चौबीसों घंटे उपलब्ध है और तीन पालियों में कुल 30 कर्मचारी कार्यरत हैं। उडुपी, कुंदापुर और कार्कल उपखंडों के लिए 12 वाहन तथा तीन मोटरसाइकिलें उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे पुलिस दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर कार्रवाई कर रहा है।
शराब पीकर विवाद करने की शिकायतें सबसे अधिक
112 सेवा पर प्राप्त होने वाली लगभग 50 प्रतिशत शिकायतें नशे की हालत में झगड़ा करने वाले लोगों से संबंधित होती हैं। विशेष रूप से रात के समय पति-पत्नी के बीच विवादों की शिकायतें अधिक आती हैं। इसके अलावा 15 से 20 प्रतिशत मामले भूमि विवाद तथा 10 से 15 प्रतिशत शिकायतें सडक़ दुर्घटनाओं से संबंधित होती हैं। छोटे विवादों का मौके पर ही समाधान किया जाता है, जबकि गंभीर मामलों को संबंधित थानों को सौंप दिया जाता है।
मानवीय संवेदनाओं के तीन उदाहरण
11 मिनट में बचाई महिला की जान
23 मार्च 2026 को कापू थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने पति को आत्महत्या करने की जानकारी दी थी। सूचना मिलने के मात्र 11 मिनट के भीतर 112 टीम मौके पर पहुंची और दरवाजा तोडक़र महिला को सुरक्षित बचा लिया।
परेशानी में मिली महिला और बच्चे को मिली मदद
18 मार्च को उडुपी के बन्नंजे बस स्टैंड पर पांच वर्षीय बच्चे के साथ परेशान हालत में मिली एक महिला ने बच्चे को चाइल्ड केयर केंद्र में भेजने का अनुरोध किया। 112 कर्मियों और अक्का पडे (दस्ता) ने तत्काल सहायता उपलब्ध कराई।
पढ़ाई से दूर हो रहे छात्र को समझाया
7 मार्च को ब्रह्मावर क्षेत्र में एक किशोर के पढ़ाई में रुचि नहीं लेने की शिकायत उसकी बहन ने की थी। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने छात्र को शिक्षा के महत्व के बारे में समझाकर उसे पढ़ाई के लिए प्रेरित किया।
पुलिस को दोस्त की तरह देखें
जिला पुलिस अधीक्षक हरिराम शंकर ने कहा कि इस योजना के शुरू होने के बाद 112 पर आने वाली शिकायतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। लोग पुलिस से डरने के बजाय उन्हें अपना मित्र समझें। आम नागरिकों को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराना पुलिस की जिम्मेदारी है।
134 मामलों में प्राथमिकी दर्ज
वर्ष 2023 में 3,980 और 2024 में 5,499 घटनाओं पर पुलिस ने कार्रवाई की थी, जबकि जनवरी 2025 से अप्रेल 2026 तक आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली के तहत 9,372 मामलों में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सहायता प्रदान की। इनमें 134 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई, जबकि 58 अस्वाभाविक मृत्यु के मामलों का भी निस्तारण किया गया।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/
