प्रतिबंध के बावजूद छात्रों तक पहुंच रही ई-सिगरेट

केरल में ऑपरेशन तूफान के तहत नशे के खिलाफ अभियान तेज

अब तक 795 गिरफ्तार

कासरगोड. कानूनी प्रतिबंध के बावजूद केरल के स्कूलों और कॉलेजों में वेप (ई-सिगरेट) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऑनलाइन माध्यम से मंगाई जा रही ये इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट किशोरों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं। इस बढ़ते चलन से अभिभावकों और शिक्षकों में चिंता गहरा गई है।

पेन और गैस लाइटर जैसे उपकरणों में छिपा खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, वेप ई-सिगरेट पेन और गैस लाइटर जैसे आकार में उपलब्ध होने के कारण आसानी से पहचान में नहीं आती। देश में इनके आयात, निर्यात, बिक्री, वितरण और प्रचार पर प्रतिबंध होने के बावजूद ऑनलाइन माध्यम से इनकी खरीदारी जारी है। आरोप है कि संगठित गिरोह स्कूलों और कॉलेज परिसरों को निशाना बनाकर छात्रों तक इनकी आपूर्ति कर रहे हैं।

क्या है वेप ई-सिगरेट?

वेप एक बैटरी से संचालित उपकरण है, जिसमें मौजूद ई-लिक्विड को गर्म कर धुएं जैसी भाप तैयार की जाती है। इसमें प्रोपिलीन ग्लाइकोल, वेजिटेबल ग्लिसरीन तथा विभिन्न फ्लेवर मिलाए जाते हैं। बाजार में डिस्पोजेबल और रीफिल किए जा सकने वाले दोनों प्रकार के उपकरण उपलब्ध हैं। इनमें मौजूद निकोटीन किशोरों में लत पैदा करने का कारण बनता है।

स्वास्थ्य पर पड़ रहे गंभीर दुष्प्रभाव

चिकित्सकों के मुताबिक, ई-सिगरेट के सेवन से फेफड़ों और श्वसन तंत्र पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसके कारण खांसी, सांस फूलना, गले में परेशानी, फेफड़ों में सूजन, हृदय गति और रक्तचाप में वृद्धि जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। किशोरों में सिरदर्द, चक्कर आना, मुंह सूखना, बेचैनी और एकाग्रता में कमी जैसे लक्षण भी सामने आ रहे हैं।

नशे के खिलाफ ऑपरेशन तूफान

केरल राज्य में मादक पदार्थों और तंबाकू उत्पादों की रोकथाम के लिए ऑपरेशन तूफान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक 728 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि 795 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू और नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

गोपनीय सूचना देने की अपील

अधिकारियों ने नागरिकों से मादक पदार्थों के कारोबार से संबंधित सूचनाएं गोपनीय रूप से उपलब्ध कराने की अपील की है। इसके लिए 9497979794, 9497927797 और 9995966666 व्हाट्सएप नंबर जारी किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

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By Bharat Ki Awaz

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