जिम सप्लीमेंट्स पर ढीली निगरानी, युवाओं की सेहत खतरे मेंजिम सप्लीमेंट्स पर ढीली निगरानी, युवाओं की सेहत खतरे में

लाइसेंस और स्पष्ट नियमों का अभाव

विशेषज्ञों ने बिना सलाह प्रोटीन व स्टेरॉयड सेवन पर जताई चिंता

दावणगेरे। बेहतर शरीर और आकर्षक मांसपेशियां बनाने की चाह में बड़ी संख्या में युवा जिम का रुख कर रहे हैं। तेजी से बॉडी बनाने की होड़ में कई लोग बिना विशेषज्ञ की सलाह के प्रोटीन पाउडर, लिक्विड सप्लीमेंट और अन्य स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन उत्पादों का सेवन कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इनका अनियंत्रित उपयोग स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

जानकारों के अनुसार, कई जिम में पोषण संबंधी सलाह प्रशिक्षक ही देते हैं, जबकि अधिकांश प्रशिक्षक प्रमाणित डाइटिशियन नहीं होते। नियमों के मुताबिक जिम में न्यूट्रिशन सप्लीमेंट बेचने के लिए अलग लाइसेंस आवश्यक है, लेकिन जिम संचालन और वहां बेचे जाने वाले सप्लीमेंट्स की निगरानी के लिए स्पष्ट कानूनी व्यवस्था नहीं है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आवश्यकता से अधिक प्रोटीन या प्रतिबंधित स्टेरॉयड के सेवन से पाचन संबंधी गड़बड़ी, किडनी स्टोन, लीवर और हृदय रोग, रक्तस्राव तथा माइग्रेन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। कई मामलों में जान जाने तक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

अंतरराष्ट्रीय बॉडी बिल्डर मंजु मोगवीर का कहना है कि प्रोटीन पाउडर अपने आप में हानिकारक नहीं है, लेकिन इसका सेवन शरीर की आवश्यकता और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही होना चाहिए। अंडे और मांसाहार जैसे प्राकृतिक स्रोत भी पर्याप्त प्रोटीन उपलब्ध कराते हैं।

विशेषज्ञों ने सरकार से जिमों के पंजीकरण, प्रमाणित डाइटिशियन की अनिवार्यता और न्यूट्रिशन सप्लीमेंट्स की बिक्री एवं गुणवत्ता की निगरानी के लिए स्पष्ट नियम बनाने की मांग की है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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