राज्य में सफल रही मध्यान्ह भोजन योजनाइलकल के विजय महांतेश हाईस्कूल के सभा भवन में इलकल-हुनगुंद जुड़वां तालुकों के स्कूलों में मिड डे मील बनाने वाले श्रमिकों की एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कर्नाटक वीरशैव लिंगायत विकास निगम के अध्यक्ष एवं विधायक विजयानंद काशप्पनवर।

विधायक विजयानंद काशप्पनवर ने की सराहना

मध्यान्ह भोजन श्रमिकों की कार्यशाला आयोजित

इलकल (बागलकोट). कर्नाटक वीरशैव लिंगायत विकास निगम के अध्यक्ष एवं विधायक विजयानंद काशप्पनवर ने कहा कि मध्यान्ह भोजन योजना आज से करीब 23 वर्ष पहले शुरू की गई। इस योजना को शुरू करने का श्रेय तत्कालीन मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा को जाता है। यह योजना राज्य में सफल रही है। विगत 23 वर्षों से स्कूल के छात्रों को पोष्टीक आहार दिया जा रहा है।

वे शहर के विजय महांतेश हाईस्कूल के सभा भवन में इलकल -हुनगुंद जुड़वां तालुकों के स्कूलों में मध्यान्ह भोजन (मिड डे मील) बनाने वाले श्रमिकों की एक दिवसीय कार्यशाला का उदघाटन कर बोल रहे थे।

उन्होंने भोजन बनाने वाले श्रमिकों से कहा कि यह आपके लिए सौभाग्य का संकेत है कि आपको छात्रों के लिए भोजन बनाने का सुअवसर मिला है। सरकार मध्यान्ह भोजन के कर्मचारियों के कल्याण की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। अगले बजट सत्र में मुख्यमंत्री सिध्दरामय्या के संज्ञान में लाकर वेतन बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यशाला में सात सौ से अधिक मध्यान्ह भोजन बनाने वाले श्रमिकों ने भाग लिया था।

इस मौके पर क्षेत्र शिक्षणाधिकारी जास्मिन किल्लेदार, तालुक पंचायत सीईओ मुरलीधर देशपांडे, मध्यान्ह भोजन अधिकारी सदाशिव गुडगंटी, शिक्षण संस्था के पदाधिकारी शरणप्पा अक्की, तिम्मण्णा भोगापुर, संगण्णा कंपली, फायर ब्रिगेड के अधिकारी जगदीश गिरड्डी, सुमित्र जुटली, श्रीकांत होसमनी, मुख्य अध्यापिका आशा मठद आदि मौजूद थे।

संगण्णा वदलूर ने स्वागत किया और अंत में विनोद भोवी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *