तेक्कलकोटे सरकारी अस्पताल के प्रसूति वार्ड में बदहाली
खिडक़ी खोलें तो मच्छर, बंद करें तो घुटन
तेक्कलकोटे (बल्लारी)। सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावों के बीच तेक्कलकोटे के सरकारी सार्वजनिक अस्पताल के प्रसूति वार्ड की बदहाली सामने आई है। बिजली गुल होने पर यहां प्रसूताओं और उनके परिजनों को मोबाइल फोन की टॉर्च से काम चलाना पड़ता है। जनरेटर और आपातकालीन बिजली व्यवस्था नहीं होने से रात के समय प्रसूताओं और नवजात शिशुओं की देखभाल में परेशानी होती है।
न जनरेटर, न आपातकालीन बिजली का इंतजाम
प्रसूति वार्ड में बिजली आपूर्ति ठप होने पर रोशनी के लिए कोई पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। ऐसे में अस्पताल में मौजूद लोगों को मोबाइल की टॉर्च का सहारा लेना पड़ता है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए महत्वपूर्ण इस सरकारी अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की कमी ने प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खिडक़ी खोलें तो मच्छर, बंद करें तो घुटन
वार्ड में हवा के आवागमन की समस्या भी गंभीर है। खिड़कियां खोलने पर मच्छर अंदर आ जाते हैं, जबकि बंद रखने पर पर्याप्त हवा नहीं मिलती। प्रसूताओं और नवजात शिशुओं के वार्ड की खिड़कियों पर मच्छररोधी जालियां तक नहीं लगी हैं।
जालियां लगाने से हवा का आवागमन बनाए रखते हुए मच्छरों को अंदर आने से रोका जा सकता है। इसके बावजूद इस बुनियादी सुविधा का अभाव अस्पताल के रखरखाव और अधिकारियों की निगरानी पर सवाल खड़े करता है।
स्वास्थ्य विभाग से तत्काल सुधार की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला और तालुक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से अस्पताल का निरीक्षण कर कमियां दूर करने की मांग की है। उन्होंने प्रसूति वार्ड में वैकल्पिक बिजली व्यवस्था करने, खिड़कियों पर मच्छररोधी जालियां लगाने और पर्याप्त हवा की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
प्रसूताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य व सुरक्षा को देखते हुए इन समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग उठाई गई है।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

