20 हजार यात्रियों का दबाव, एक एकड़ में सिमटा बस स्टैंडराणेबेन्नूर केएसआरटीसी बस स्टैंड के बाहर का नजारा।

2,000 बसों की रोज आवाजाही

प्लेटफॉर्म कम, सडक़ पर खड़ी होती हैं बसें

नया बस स्टैंड सालों से फाइलों में

राणेबेन्नूर (हावेरी)। वाणिज्यिक और कृषि कारोबार के बड़े केंद्र के रूप में तेजी से बढ़ रहे राणेबेन्नूर में परिवहन व्यवस्था शहर की रफ्तार से पिछड़ गई है। महज 1 एकड़ 15 गुंटे में सिमटे केएसआरटीसी बस स्टैंड पर रोज 15 से 20 हजार यात्रियों और करीब 2,000 बसों का दबाव है। नतीजा—प्लेटफॉर्म कम पड़ रहे हैं, प्रवेश द्वार पर जाम लग रहा है और कई बसें सडक़ पर खड़ी कर यात्रियों को चढ़ाना-उतारना पड़ रहा है।

बस स्टैंड के प्रवेश द्वार के ठीक पास ट्रैफिक सिग्नल होने से बसों की आवाजाही और मुश्किल हो जाती है। हुब्बल्ली और दावणगेरे की ओर जाने वाली बसों के लिए एक साथ दो-तीन बसें ही खड़ी हो पाती हैं। बाकी बसें प्रवेश द्वार के पास सडक़ पर रुकती हैं। राणेबेन्नूर डिपो की 134 बसें इसी परिसर से संचालित होती हैं।

हरिहर-दावणगेरे और राणेबेन्नूर-हुब्बल्ली मार्ग पर प्लेटफॉर्म की कमी इतनी गंभीर है कि कई बार दीवार के किनारे बसें खड़ी करनी पड़ती हैं। यात्रियों और विद्यार्थियों के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है। त्योहारों और छुट्टियों में हालात और बिगड़ जाते हैं।

जमीन मिली, लेकिन फैसला नहीं

नए बस स्टैंड के लिए एपीएमसी पशु बाजार के पास करीब 4.5 एकड़ जमीन सहित नगरसभा खेल मैदान और सुवर्ण पार्क क्षेत्र की सरकारी जमीन के विकल्प देखे गए। दिसंबर 2025 में तत्कालीन परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने उपयुक्त जमीन का प्रस्ताव भेजने पर आधुनिक बस स्टैंड के लिए अनुदान का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद योजना आगे नहीं बढ़ सकी।

विधायक प्रकाश कोलीवाड के अनुसार, दो-तीन स्थान अधिकारियों को दिखाए गए हैं। जमीन की समस्या हल होते ही नए बस स्टैंड का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।

20 हजार यात्रियों का दबाव, एक एकड़ में सिमटा बस स्टैंड
राणेबेन्नूर केएसआरटीसी बस स्टैंड में बस का इंतजार करते यात्री।

सुविधाएं भी सवालों के घेरे में

शक्ति योजना के बाद महिला यात्रियों की संख्या बढ़ी है, लेकिन महिला विश्राम कक्ष छोटा है। परिसर में कचरा, गुटखा-पान की पीक, दुर्गंधयुक्त शौचालय, अपर्याप्त बैठने की व्यवस्था और पेयजल सुविधा की खराब स्थिति यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है। रात में निजी बसों और परिसर के आसपास बेतरतीब खड़ी बाइक से यातायात और बाधित होता है।

सिर्फ बस स्टैंड नहीं, पूरे शहर की जरूरत

राणेबेन्नूर एपीएमसी के कारण कृषि व्यापार का बड़ा केंद्र है। हुब्बल्ली, दावणगेरे, हावेरी, गदग, कोप्पल, बेलगावी, विजयपुर, शिवमोग्गा और अन्य जिलों से रोज बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। कृष्णमृग अभयारण्य सहित पर्यटन गतिविधियों के कारण भी यात्री दबाव बढ़ रहा है।

एक नजर में

बस स्टैंड क्षेत्रफल : 1 एकड़ 15 गुंटे
दैनिक यात्री : 15-20 हजार
रोज बसों की आवाजाही : करीब 2,000
डिपो की बसें : 134
दैनिक आय : 22-24 लाख रुपए
प्रस्तावित नई जमीन : करीब 4.5 एकड़
2011 की आबादी : 1,09,656

 

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By Bharat Ki Awaz

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