घर-घर दस्तावेज जांच अभियान धीमा
नेटवर्क और तकनीकी दिक्कतों से कर्मचारी परेशान
गदग. कर्नाटक सरकार की गृह ज्योति योजना के दुरुपयोग को रोकने के लिए 1 जुलाई से शुरू किए गए घर-घर दस्तावेज सत्यापन अभियान की रफ्तार सर्वर और नेटवर्क संबंधी तकनीकी समस्याओं के कारण धीमी पड़ गई है। राज्यभर में बिजली वितरण कंपनियों के कर्मचारी लाभार्थियों के दस्तावेजों की जांच में जुटे हैं, लेकिन ऑनलाइन प्रक्रिया में लगातार आ रही बाधाएं कार्य में विलंब का कारण बन रही हैं।
सरकारी निर्देशों के अनुसार कर्मचारियों को मोबाइल ऐप के माध्यम से लाभार्थियों के दस्तावेज स्कैन कर फोटो अपलोड करनी होती है। पूरे राज्य में एक साथ यह प्रक्रिया चलने से सर्वर पर अत्यधिक दबाव बन रहा है, जिससे बार-बार तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं।
एक घर के सत्यापन में लग रहे 15 मिनट
सत्यापन कार्य में लगे एक कर्मचारी ने बताया कि अभियान पूरा करने के लिए दो माह की समय-सीमा निर्धारित है। बिजली बिल वितरण के साथ-साथ दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है, लेकिन सर्वर बार-बार ठप हो जाता है। कई क्षेत्रों में नेटवर्क उपलब्ध नहीं होने से भी काम प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा अनेक उपभोक्ता समय पर सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाते, जिससे प्रक्रिया और धीमी हो जाती है।
उन्होंने बताया कि यदि मकान किराए पर है तो किरायानामा अपलोड करने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी होती है। ऑनलाइन प्रविष्टि के साथ दो अलग-अलग प्रपत्रों में लिखित जानकारी भी दर्ज करनी पड़ती है, जिनमें से एक प्रति उपभोक्ता को दी जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में एक घर का सत्यापन करने में औसतन 15 मिनट का समय लग रहा है।
हेस्कॉम गदग मंडल के सहायक अभियंता राजेश कल्याणशेट्टर ने स्वीकार किया कि गृह ज्योति योजना के सत्यापन अभियान में तकनीकी समस्याएं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि नियमित विद्युत सेवाओं के साथ इस अतिरिक्त कार्य को भी कर्मचारी पूरा कर रहे हैं और तकनीकी बाधाओं के बावजूद अभियान जारी है।
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