ओएमआर शीट अपनी नहीं होने का दावा
668 अंक मिलने की जताई उम्मीद; एनटीए से निष्पक्ष जांच की मांग
हावेरी. जिले की हानगल की एक छात्रा ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के परिणाम पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि उसे आवंटित ओएमआर शीट उसकी नहीं है। छात्रा का आरोप है कि उसे 720 में -11 अंक दिए गए हैं, जबकि उसके प्रदर्शन के आधार पर उसे कम से कम 668 अंक मिलने चाहिए थे। मामले को लेकर उसने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को इ-मेल के माध्यम से शिकायत भेजी है।
छात्रा बिंदुश्री जगदीश पवार ने हावेरी के गांधीपुर स्थित सरकारी प्रथम श्रेणी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर नीट परीक्षा दी थी। उसका कहना है कि एनटीए की वेबसाइट से प्राप्त ओएमआर शीट में दर्ज विवरण उसके परीक्षा समय से मेल नहीं खाते। साथ ही, शीट पर लगा अंगूठे का निशान भी ओवरलैप दिखाई दे रहा है, जिससे उसे संदेह है कि अपलोड की गई ओएमआर शीट उसकी नहीं है।
मेरी मेहनत पर फिरा पानी
बिंदुश्री ने बताया कि उसने एसएसएलसी परीक्षा में 98 प्रतिशत तथा द्वितीय पीयूसी (विज्ञान) में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। उसका कहना है कि उसने नीट की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत की थी, लेकिन घोषित परिणाम उसकी अपेक्षा के बिल्कुल विपरीत है।
उन्होंने कहा कि 22 जुलाई को एनटीए को शिकायत भेजी थी, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। हेल्पलाइन नंबर पर कई बार संपर्क करने का प्रयास भी किया, किंतु कॉल का उत्तर नहीं मिला। उन्होंने केंद्र सरकार और परीक्षा प्राधिकरण से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक ओएमआर शीट के आधार पर परिणाम संशोधित करने की मांग की है।
पिता ने भी उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
बिंदुश्री के पिता जगदीश पवार ने कहा कि उनकी बेटी हमेशा मेधावी रही है और किसी भी परीक्षा में अपेक्षा से कम अंक नहीं आए। उनका दावा है कि जारी की गई ओएमआर शीट उनकी बेटी की नहीं है। उन्होंने परीक्षा प्राधिकरण से पूरे मामले की जांच कर न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है।
हालांकि, इस संबंध में समाचार लिखे जाने तक एनटीए की ओर से छात्रा के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
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