यात्रियों की बढ़ती पसंद से आय में बड़ा उछाल
हाई-स्पीड रेल सेवा को मेंगलूरु तक विस्तार देने की मांग तेज
मेंगलूरु. तिरुवनंतपुरम-मेंगलूरु वंदे भारत एक्सप्रेस दक्षिण रेलवे के लिए सबसे अधिक आय अर्जित करने वाली सेवा बनकर उभरी है। रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, इस मार्ग पर यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या ने इसे दक्षिण भारत की सबसे सफल वंदे भारत सेवाओं में शामिल कर दिया है।
रेलवे के अनुसार, वर्ष 2025-26 के दौरान दक्षिण रेलवे की वंदे भारत सेवाओं ने कुल 77.38 लाख यात्रियों को यात्रा कराई और 803.86 करोड़ रुपए की आय अर्जित की। पिछले वित्तीय वर्ष में यह आंकड़ा 54.12 लाख यात्रियों और 540.65 करोड़ रुपए का था। इससे हाई-स्पीड इंटरसिटी रेल सेवाओं की बढ़ती लोकप्रियता स्पष्ट होती है।
अप्रेल और मई 2026 के दौरान ही दक्षिण रेलवे की वंदे भारत सेवाओं ने 15.21 लाख यात्रियों को परिवहन कर 162.96 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया। अधिकारियों का कहना है कि कम यात्रा समय, आधुनिक सुविधाएं और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण वंदे भारत यात्रियों की पहली पसंद बनती जा रही है।
व्यापार, शिक्षा और पर्यटन को मिला लाभ
तिरुवनंतपुरम-मेंगलूरु वंदे भारत सेवा से केरल और कर्नाटक के प्रमुख व्यापारिक, शैक्षणिक तथा पर्यटन केंद्रों के बीच आवागमन आसान हुआ है। व्यापारी, पेशेवर, विद्यार्थी और पर्यटक बड़ी संख्या में इस सेवा का उपयोग कर रहे हैं। इस मार्ग पर 11,896 बुकिंग दर्ज की गईं, जो दक्षिण रेलवे के अन्य वंदे भारत मार्गों से अधिक हैं।
हाई-स्पीड रेल विस्तार की मांग
यात्रियों की बढ़ती संख्या और बेहतर राजस्व को देखते हुए हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की मांग भी तेज हो गई है। रेल यात्री संगठनों का कहना है कि प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल परियोजना को केवल कन्नूर तक सीमित न रखकर मेंगलूरु तक विस्तारित करना चाहिए, ताकि अधिक यात्रियों को लाभ मिल सके।
अधिक लाभदायक साबित होगी परियोजना
हाई-स्पीड रेल परियोजना को कन्नूर के बजाय मेंगलूरु तक बढ़ाया जाना चाहिए। इससे अधिक यात्रियों को सुविधा मिलेगी और परियोजना भी अधिक लाभदायक साबित होगी।
— प्रशांत, अध्यक्ष, रेलवे यात्री संघ
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