गोल गुंबज एक्सप्रेस भी बाईपास मार्ग से चलेगी
मैसूर-पंढरपुर ट्रेन को मुख्य स्टेशन के बजाय बाईपास लाइन से चलाने के निर्णय पर बढ़ा विरोध
गदग. विजयपुर-यशवंतपुर विशेष रेलगाड़ी के बाद अब मैसूर-पंढरपुर गोल गुंबज एक्सप्रेस (संख्या 16535/36) को भी गदग और हुब्बल्ली बाईपास मार्ग से संचालित किए जाने के प्रस्ताव ने उत्तर कर्नाटक के यात्रियों और श्रद्धालुओं में असंतोष पैदा कर दिया है। रेल मंत्रालय के आदेश के बाद इस निर्णय को लेकर सामाजिक संगठनों और रेलवे संघर्ष समिति ने आपत्ति जताई है।
धार्मिक यात्रियों की बढ़ी चिंता
पंढरपुर स्थित भगवान वि_ल के दर्शन की ओर जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए यह रेलगाड़ी प्रमुख साधन मानी जाती है। ऐसे में मुख्य रेलवे स्टेशनों के स्थान पर बाईपास लाइन से ट्रेन चलाने के प्रस्ताव को लोगों की धार्मिक भावनाओं से जोडक़र देखा जा रहा है।
अमृत स्टेशन योजना पर उठे सवाल
रेलवे संघर्ष समिति के सदस्यों का कहना है कि दो वर्ष पहले ही गदग रेलवे स्टेशन का अमृत स्टेशन योजना के तहत लगभग 23 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिकीकरण किया गया था। इसके बावजूद प्रमुख रेलगाडिय़ों को मुख्य स्टेशन से दूर ले जाने की कोशिश से स्टेशन के महत्व पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है।
पहले हटाया गया था ठहराव, अब फिर वही फैसला
विजयपुर-यशवंतपुर रेलगाड़ी के संचालन के दौरान गदग बाईपास स्टेशन पर ठहराव दिया गया था, लेकिन पर्याप्त सडक़ संपर्क और आधारभूत सुविधाओं के अभाव में बाद में इसे हटा दिया गया। अब उसी मार्ग पर गोल गुंबज एक्सप्रेस को गदग और हुब्बल्ली बाईपास स्टेशनों पर ठहराव देने के निर्णय पर रेलवे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
रेलवे ने पहले दिया था आश्वासन
सामाजिक कार्यकर्ता विश्वनाथ खानापुर ने कहा कि रेल विभाग और जनप्रतिनिधियों को हठधर्मिता छोडक़र यात्रियों और श्रद्धालुओं के हित में गोल गुंबज एक्सप्रेस को पूर्ववत गदग और हुब्बल्ली मुख्य स्टेशनों से संचालित करना चाहिए।
दक्षिण-पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. मंजुनाथ कनमडी ने कहा कि रेलवे बोर्ड का आदेश अभी प्राप्त हुआ है और इस संबंध में दक्षिण-पश्चिम रेलवे क्षेत्र की ओर से अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
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