2014 के बहुचर्चित कन्याकोलूर हत्याकांड में 12 वर्ष बाद फैसला
एक आरोपी को 7 वर्ष, दो को 6-6 माह की सजा
यादगीर. जिले के शाहपुर तालुक के कन्याकोलूर गांव में वर्ष 2014 में हुए दलित नेता देवेंद्रप्पा भीमप्पा दलपति हत्याकांड में प्रधान जिला एवं विशेष सत्र न्यायालय ने 17 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घटना के लगभग 12 वर्ष बाद आए इस फैसले में एक अन्य आरोपी को सात वर्ष तथा दो आरोपियों को छह-छह माह के कारावास की सजा भी सुनाई गई।
न्यायालय ने सभी दोषियों पर कुल 4.25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
बैनर फाडऩे के विवाद ने लिया था हिंसक रूप
अभियोजन के अनुसार, जनवरी 2014 में चौडेश्वरी देवी जत्रा के दौरान बैनर फाडऩे को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। देखते ही देखते यह विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया और दलित नेता देवेंद्रप्पा दलपति पर धारदार हथियारों से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई।
घटना के बाद शाहपुर पुलिस थाने में हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने 17 आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
इस फैसले को जिले के चर्चित मामलों में से एक का महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय माना जा रहा है।
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