धीमी रफ्तार ट्रेनों पर खत्म ‘सुपरफास्ट’ चार्ज

55 किमी/घंटा से कम औसत गति वाली ट्रेनों में अब नहीं लगेगा अतिरिक्त शुल्क

10 से 50 रुपए तक किराया कम

हुब्बल्ली. दक्षिण पश्चिम रेलवे (दपरे) ने लाखों यात्रियों को राहत देते हुए बड़ा फैसला लिया है। अब उन ट्रेनों से ‘सुपरफास्ट’ अतिरिक्त शुल्क हटा दिया गया है जिनकी औसत गति 55 किमी प्रति घंटा से कम है। यह निर्णय लंबे समय से उठ रही मांग और सूचना अधिकार के तहत मिली जानकारी के बाद लिया गया है।

आरटीआई से खुली गड़बड़ी, अब सुधार

मैसूरु के आरटीआई कार्यकर्ता बी. राजेश की ओर से उजागर की गई जानकारी के अनुसार कई धीमी ट्रेनों पर भी ‘सुपरफास्ट’ का अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा था। रेलवे बोर्ड के नियमों के मुताबिक केवल 55 किमी प्रति घंटा से अधिक गति वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को ही सुपरफास्ट माना जाता है। इस विसंगति को दूर करते हुए अब शुल्क हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इन ट्रेनों में हुआ बदलाव

बेंगलूरु-कारवार पंचगंगा एक्सप्रेस, अशोकपुरम-चेन्नई सेंट्रल, मैसूरु-कडलूर पोर्ट एक्सप्रेस और मैसूरु-साईनगर शिरडी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में 21 अप्रेल से ही अतिरिक्त शुल्क हटा दिया गया है। अन्य रेल जोन में भी इसी तरह के प्रस्ताव भेजे गए हैं।

कितनी होगी राहत

जनरल (द्वितीय श्रेणी) : 10 रुपए कम
स्लीपर क्लास : 20 रुपए कम
एसी चेयरकार/3-टियर/2-टियर : 30 रुपए कम
एसी फस्र्ट क्लास : 50 रुपए कम

किराया कम कराने के लिए प्रयास जारी

देशभर में कई ऐसी ट्रेनें हैं जो धीमी गति से चलती हैं, फिर भी यात्रियों से अनावश्यक शुल्क लिया जाता है। हमने इसका विवरण जुटाया है और आगे भी किराया कम कराने के लिए प्रयास जारी रखेंगे।
बी. राजेश, आरटीआई कार्यकर्ता

पूरे देश में यात्रियों को राहत

“55 किमी प्रतिशत घंटा से कम गति वाली ट्रेनों से सुपरफास्ट शुल्क हटाया जा रहा है। अन्य रेलवे जोनों को भी इस संबंध में प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि पूरे देश में यात्रियों को राहत मिल सके।
डॉ. मंजुनाथ कनमडी, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, दक्षिण पश्चिम रेलव

 

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By Bharat Ki Awaz

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