भूस्खलन के खतरे से याणा पर्यटन स्थल अस्थायी रूप से बंदयाणा पर्यटन स्थल

चंडिका नदी उफान पर, पर्यटकों के प्रवेश पर रोक

उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई

सिरसी (उत्तर कन्नड़). उत्तर कन्नड़ जिले में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए कुमटा तालुक के प्रसिद्ध याणा पर्यटन स्थल पर पर्यटकों के प्रवेश पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है। चंडिका नदी के उफान पर होने और प्राकृतिक आपदा की आशंका के मद्देनजर वन विभाग ने यह निर्णय लिया है।

कई क्षेत्रों में जारी है बारिश

कारवार, कुमटा, होन्नावर और भटकल सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ वर्षा हो रही है। लगातार बारिश के कारण चंडिका नदी का जलस्तर बढ़ गया है और आसपास के क्षेत्रों में खतरे की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

पहले भी हो चुका है भूस्खलन

करीब दो वर्ष पूर्व याणा क्षेत्र के निकट भूस्खलन की घटना हुई थी। इसके अलावा भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) ने भी इस क्षेत्र में भारी वर्षा की स्थिति में भूस्खलन की आशंका जताते हुए चेतावनी जारी की थी। इसी के मद्देनजर प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है।

सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया फैसला

वन विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। होन्नावर वन प्रभाग के कुमटा उपखंड के कतगाल वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले याणा क्षेत्र में स्थिति सामान्य होने तक पर्यटकों के प्रवेश पर रोक रहेगी। अधिकारियों ने लोगों से फिलहाल याणा की यात्रा टालने की अपील की है।

अवैध प्रवेश करने वालों पर होगी कार्रवाई

वन विभाग और महागणपति ग्राम वन समिति, याणा की ओर से जारी संयुक्त सूचना में कहा गया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से याणा क्षेत्र में प्रवेश करता है तो उसके विरुद्ध वन अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उत्तर कन्नड़ जिले में लगातार बारिश और भूस्खलन की आशंका के चलते प्रसिद्ध याणा पर्यटन स्थल पर पर्यटकों के प्रवेश पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है।

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By Bharat Ki Awaz

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