मूसलाधार बारिश से कई जिले प्रभाविततुंगभद्रा जलाशय।

सिरसी में घरों में घुसा पानी, नदियां उफान पर

कई बांधों से छोड़ा पानी

हुब्बल्ली। कर्नाटक में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर कन्नड़, चिक्कमगलूरु, बेलगावी, विजयपुर सहित कई जिलों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। सिरसी शहर के निचले इलाकों में जलभराव से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जबकि कई नदियां और जलाशय उफान पर हैं। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए कोडगु और दक्षिण कन्नड़ जिलों में शनिवार को स्कूल और कॉलेजों में अवकाश घोषित किया गया था।

मूसलाधार बारिश से कई जिले प्रभावित

सिरसी में घरों में घुसा पानी, इलेक्ट्रॉनिक सामान नष्ट

सिरसी के श्रीधरनगर, श्रीराम कॉलोनी और अन्य निचले क्षेत्रों में शुक्रवार रात हुई भारी बारिश से कई घरों में पानी भर गया। इससे टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन समेत अनेक विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो गए। घरेलू सामान और फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचा है। बारिश के पानी के साथ सांप और बिच्छू घरों तक पहुंचने से लोगों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने जलनिकासी व्यवस्था की बदहाली और नालों में जमा गाद को जलभराव का मुख्य कारण बताते हुए स्थायी समाधान की मांग की है। शहर का कोटेकेरे तालाब भी लबालब भरकर बह रहा है, जिससे हुब्बल्ली मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ।

मूसलाधार बारिश से कई जिले प्रभावित

सात जिलों में बारिश का कहर

हुब्बल्ली से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के सात जिलों में भारी वर्षा जारी है। महाराष्ट्र में हो रही तेज बारिश का असर बेलगावी जिले में भी दिखाई दे रहा है, जहां कृष्णा नदी में 90 हजार क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है। दूधगंगा और वेदगंगा नदियों का जलस्तर बढऩे से सात पुल फिर जलमग्न हो गए हैं। मलप्रभा, मार्कंडेय और हिरण्यकेशी नदियां भी उफान पर हैं।

चिक्कमगलूरु में बाढ़ का खतरा, तीन गायों की मौत

चिक्कमगलूरु जिले के केरेकट्टे, किग्गा और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भद्रा, हेमावती और तुंगा सहित नंदिनी, नलिनी और मालती नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। श्रृंगेरी के कप्पे शंकर क्षेत्र तक पानी पहुंच गया है। कलसा के निकट तेज हवा से पेड़ बिजली लाइन पर गिरने से तार टूट गया और उसकी चपेट में आने से सडक़ किनारे चर रही तीन गायों की मौत हो गई। दत्तपीठ मार्ग पर कविकल गंडी के पास भूस्खलन भी हुआ है।

बांधों से छोड़ा जा रहा पानी

उत्तर कन्नड़ जिले में लगातार वर्षा से काली, अघनाशिनी और शरावती नदियों का प्रवाह बढ़ गया है। वहीं विजयपुर जिले के आलमट्टी बांध में 1.10 लाख क्यूसेक पानी की आवक होने के कारण बराबर मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। नारायणपुर बांध में भी 1.10 लाख क्यूसेक की आवक के बीच 1.05 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। महाराष्ट्र के उजनी और वीर बांधों से क्रमश: 80 हजार और 63 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से भीमा नदी में भी जलप्रवाह बढक़र 1.43 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया है।

प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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