मानसून ने पकड़ी रफ्तार, तुंगा बांध से 52,950 क्यूसेक पानी छोड़ातुंगा बांध।

आगुम्बे में 28.6 सेमी बारिश, तुंगभद्रा जलाशय की आवक बढऩे के आसार

भद्रा और लिंगनमक्की बांधों में भी तेजी से बढ़ा जलस्तर

शिवमोग्गा/होसपेटे (विजयनगर)। मलनाड क्षेत्र में मानसून ने फिर जोर पकड़ लिया है। लगातार हो रही भारी बारिश से तुंगा, भद्रा और लिंगनमक्की जलाशयों में पानी की आवक तेजी से बढ़ रही है। इसके चलते शिवमोग्गा जिले के गाजनूर स्थित तुंगा बांध से शनिवार को तुंगा नदी में 52,950 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि जलाशय में 55,197 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई। इसके अलावा नहरों में 2,000 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा है।

आगुम्बे में सर्वाधिक वर्षा

पिछले 24 घंटों में तीर्थहल्ली तालुक के आगुम्बे में 28.6 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो जिले में सबसे अधिक रही। वाराही जलग्रहण क्षेत्र के चक्रा नगर में 21 सेंटीमीटर, सावेहक्कलु में 19.4 सेंटीमीटर, माणी में 17.1 सेंटीमीटर और मास्तिकट्टे में 16 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

तुंगभद्रा बांध को मिलेगी राहत

तुंगा बांध से छोड़ा गया पानी शनिवार रात तक होसपेट स्थित तुंगभद्रा जलाशय में पहुंचने की संभावना है। फिलहाल जलाशय में 24,968 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जो रविवार सुबह 50 हजार क्यूसेक से अधिक होने का अनुमान है। इससे तीन राज्यों के आठ जिलों के सिंचाई क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

105.78 टीएमसी क्षमता वाले तुंगभद्रा जलाशय में वर्तमान में 38.68 टीएमसी पानी संग्रहित है और जलस्तर 1,610.56 फुट दर्ज किया गया है। पिछले वर्ष क्रेस्ट गेट क्षतिग्रस्त होने के कारण जलाशय में अधिकतम 80 टीएमसी तक ही पानी संग्रहित किया जा सका था। इस बार नए क्रेस्ट गेट तैयार हैं, लेकिन वर्षा की कमी के कारण अब तक जलाशय आधा भी नहीं भर पाया है।

भद्रा और लिंगनमक्की में भी बढ़ी आवक

भद्रा जलाशय में 12,983 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। पिछले 24 घंटों में जलस्तर 1.3 फुट बढक़र 157.3 फुट पहुंच गया है, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 186 फुट है। पिछले वर्ष इसी दिन जलस्तर 180.3 फुट था।

उधर, कार्गल स्थित लिंगनमक्की जलाशय में भी पानी की आवक बढक़र 38,183 क्यूसेक हो गई है। 1,819 फुट क्षमता वाले इस जलाशय का वर्तमान जलस्तर 1,777.95 फुट दर्ज किया गया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 1,811.40 फुट था।

पेयजल नहरों में भी पानी छोड़ा गया

तुंगभद्रा दाहिनी तट की ऊपरी नहर (एचएलसी) में पहली बार पेयजल के लिए 50 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। दाहिनी तट की निचली नहर (एलएलसी) तथा बाईं मुख्य नहर सहित अन्य नहरों में कुल 3,003 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा है। मौसम विभाग और सिंचाई अधिकारियों को उम्मीद है कि यदि मलनाड क्षेत्र में वर्षा का यही क्रम जारी रहा तो प्रदेश के प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण तेजी से बढ़ेगा और खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त सिंचाई उपलब्ध हो सकेगी।

 

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By Bharat Ki Awaz

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