घर-घर सर्वे के बजाय मंदिर, मस्जिद और सामुदायिक भवनों में बांटे जा रहे फॉर्म; कई जिलों से शिकायतें
एसआईआर प्रक्रिया पर उठे सवाल
हुब्बल्ली. कर्नाटक में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कई बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) वितरित करने के बजाय मंदिरों, मस्जिदों, सामुदायिक भवनों और आंगनवाड़ी केंद्रों में सामूहिक रूप से फॉर्म बांट रहे हैं। इसको लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच विवाद गहरा गया है।
कई जिलों से शिकायतें
रामनगर में गुरुवार को सामुदायिक भवन में बैठकर एसआईआर प्रक्रिया संचालित किए जाने के बाद शुक्रवार को कोलार, तुमकूरु, हुब्बल्ली, विजयपुर जिले के इंडी सहित कई क्षेत्रों से इसी प्रकार की शिकायतें सामने आईं। हुब्बल्ली के वार्ड-51 स्थित प्रियदर्शिनी कॉलोनी के तुलजाभवानी मंदिर में भी मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने का आरोप लगाया गया है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल
कोलार शहर के विभिन्न वार्डों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मतदाताओं को मंदिर, मस्जिद और सामुदायिक भवनों में बुलाकर फॉर्म वितरित किए जाने की शिकायत भी सामने आई है। इस पर कोलार के जिलाधिकारी डॉ. एम.आर. रवि ने कहा है कि यदि किसी अधिकारी द्वारा कर्तव्य में लापरवाही पाई गई तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मैसूर और तुमकूरु में भी विवाद
मैसूर के नरसिंहराज विधानसभा क्षेत्र में भी एन्यूमरेशन फॉर्म सामूहिक रूप से वितरित और भरवाए जाने के आरोप लगे हैं। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों से फॉर्म लेकर लोगों से भरवाए। तुमकूरु, कुणिगल और विजयपुर जिले के इंडी क्षेत्र से भी सामूहिक फॉर्म वितरण की शिकायतें मिली हैं।
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