राम मंदिर निधि के कथित दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच की मांग
जाति गणना पर पंचपीठ की बैठक होगी
दावणगेरे. श्रीशैल पीठ के जगद्गुरु डॉ. चन्नसिद्धराम पंडिताराध्य शिवाचार्य स्वामी ने अयोध्या राम मंदिर के लिए श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान के कथित दुरुपयोग के आरोपों की निष्पक्ष और व्यापक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों को, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
आस्था से खिलवाड़ गंभीर अपराध
दावणगेरे में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में स्वामी ने कहा कि वह हाल ही में कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर थे, इसलिए मामले की पूरी जानकारी नहीं थी। बिना तथ्यों की पुष्टि किए किसी पर आरोप लगाना उचित नहीं है, लेकिन यदि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी धनराशि का दुरुपयोग हुआ है तो यह करोड़ों भक्तों के विश्वास के साथ विश्वासघात होगा। उन्होंने धार्मिक संस्थाओं के वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता और सख्त निगरानी की भी आवश्यकता बताई।
जाति गणना पर होगी बैठक
जगत्गुरु ने कहा कि केंद्र सरकार की जाति गणना प्रक्रिया के संदर्भ में वीरशैव-लिंगायत समाज को क्या जानकारी दर्ज करनी चाहिए, इस पर जल्द ही पंचपीठाधीशों की बैठक दावणगेरे में आयोजित की जाएगी। बैठक के बाद समुदाय के लिए आधिकारिक मार्गदर्शन जारी किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा जाति गणना रिपोर्ट जारी करने के विषय पर कानूनी प्रश्न उठे हैं और इस मामले में न्यायपालिका का निर्णय महत्वपूर्ण होगा।
आर्थिक आधार पर मिले आरक्षण
गारंटी योजनाओं और आरक्षण के मुद्दे पर स्वामी ने कहा कि सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों का चयन जाति के बजाय आर्थिक स्थिति के आधार पर होना चाहिए। उनके अनुसार, आज प्रत्येक समाज में आर्थिक रूप से संपन्न और कमजोर दोनों वर्ग मौजूद हैं। इसलिए आरक्षण और सरकारी सुविधाओं का आधार आर्थिक स्थिति होना अधिक न्यायसंगत और प्रभावी होगा।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

