हाईकोर्ट को सरकार की जानकारी
पेटा की याचिका पर सुनवाइ
सरकार ने कहा— 652 वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
अगली सुनवाई 1 सितंबर को
मेंगलूरु. कर्नाटक सरकार ने उच्च न्यायालय को बताया है कि मेंगलूरु के निकट स्थित पिलिकुला चिडिय़ाघर का प्रबंधन वन विभाग को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सरकार ने स्पष्ट किया कि चिडिय़ाघर में मौजूद 652 वन्यजीवों की सुरक्षा और देखभाल उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्य न्यायाधीश विभु बाखरू और न्यायाधीश के. एस. हेमलेखा की खंडपीठ पीपुल फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) की उस जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें पिलिकुला जैविक उद्यान के निकट कंबला प्रतियोगिता आयोजित करने की अनुमति नहीं देने की मांग की गई है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से उपस्थित महाधिवक्ता के. शशिकिरण शेट्टी ने अदालत को बताया कि चिडिय़ाघर को वन विभाग के अधीन लाने के लिए वन विभाग, पिलिकुला विकास प्राधिकरण और राज्य चिडिय़ाघर प्राधिकरण के बीच प्रबंधन एवं संचालन संबंधी समझौता किया जाएगा।
वहीं, राष्ट्रीय चिडिय़ाघर प्राधिकरण की ओर से पेश अधिवक्ता ने भी कहा कि पिलिकुला चिडिय़ाघर को वन विभाग को हस्तांतरित किए जाने पर प्राधिकरण को कोई आपत्ति नहीं है।
मामले में राज्य सरकार से विस्तृत जवाब तलब करते हुए उच्च न्यायालय ने अगली सुनवाई 1 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी।
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