बीदर में सुरों की स्वरांजलि, एस. जानकी को भावभीनी श्रद्धांजलिबीदर कल्चरल फोरम की ओर से पाश्र्व गायिका एवं गान सरस्वती एस. जानकी को भावभीनी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में गीत प्रस्तुत करतीं कल्चरल फोरम की अध्यक्ष एवं गायिका रेखा अप्पाराव सऊदी।

बीदर कल्चरल फोरम ने गीतों के माध्यम से याद कीं स्वर सरस्वती

बीदर। बीदर कल्चरल फोरम की ओर से पाश्र्व गायिका एवं गान सरस्वती एस. जानकी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में उनके सदाबहार गीतों की संगीतमय प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावुक कर दिया।

फोरम की अध्यक्ष एवं गायिका रेखा अप्पाराव सऊदी ने अपनी मधुर आवाज में एस. जानकी के लोकप्रिय गीत “दोणि सागली मुंदे होगली”, “बानल्लु नीने बुवियल्लु नीने” और “पूजिसलेंदे हुगल तंदे” सहित कई अमर रचनाएं प्रस्तुत कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को संगीत की मधुर दुनिया में पहुंचा दिया।

गायकों शिवकुमार पांचाल, महेश कुंबार और शशिकुमार ने भी स्वरांजलि में अपनी सहभागिता निभाई। कीबोर्ड पर शिवानंद भजंत्री (विजयपुर), तबले पर रमेश और पैड पर सुरेश (बल्लारी) ने प्रभावी संगत देकर कार्यक्रम को यादगार बनाया।

साहित्यकार शिवलिंग हेडे ने कहा कि एस. जानकी ने कन्नड़ सहित अनेक भारतीय भाषाओं में 48 हजार से अधिक गीत गाकर संगीत जगत में अमिट पहचान बनाई। उनका जीवन और साधना नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

फोरम की अध्यक्ष रेखा अप्पाराव सऊदी ने कहा कि एस. जानकी की मधुर आवाज आने वाली पीढिय़ों के लिए अमूल्य धरोहर है। बीदर कल्चरल फोरम ने पिछले वर्ष उन्हें राज्य स्तरीय बीदर एंडोमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया था।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। देवीदास जोशी ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा फोरम के पदाधिकारियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

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By Bharat Ki Awaz

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