मेंगलूरु में पहली बार कैबिनेट बैठक
मेंगलूरु/उडुपी। कर्नाटक सरकार ने इतिहास में पहली बार मेंगलूरु में कैबिनेट बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह बैठक 18 सितम्बर को होगी।
भाजपा का गढ़, कांग्रेस की चुनौती
दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों को लंबे समय से ‘हिंदुत्व की प्रयोगशाला’ कहा जाता है। यहां आरएसएस और उसकी शाखाओं का गहरा प्रभाव है। पिछले विधानसभा चुनावों में भाजपा ने अधिकांश सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस कई बार यहां अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर चुकी है, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
शिवकुमार का नया प्रयोग
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने करावली क्षेत्र में कैबिनेट बैठक कर विशेष संदेश देने का प्रयास किया है। सरकार के 100 दिन पूरे होने के बाद यह बैठक राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
करावली पर्यटन पर विशेष पैकेज की संभावना। तुलु भाषा को मान्यता देने पर चर्चा। स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देने की उम्मीद है।
राजनीतिक निहितार्थ
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भाजपा के लंबे समय से बने राजनीतिक गढ़ को चुनौती देने की रणनीति है। करावली क्षेत्र में कांग्रेस की मौजूदगी दर्ज कराने और आगामी 2028 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए यह बैठक आयोजित की जा रही है।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

