दक्षिण कन्नड़ में नियंत्रण में सिजेरियन प्रसव

राज्य में सबसे कम 39 प्रतिशत मामले

जागरूकता, नियमित जांच और परामर्श से बढ़ रहे सामान्य प्रसव

अधिक सिजेरियन करने वाले अस्पतालों की जांच के लिए समिति गठित

मेंगलूरु. कर्नाटक में सिजेरियन (सी-सेक्शन) प्रसव के मामलों में लगातार बढ़ोतरी के बीच दक्षिण कन्नड़ जिले ने राहत भरी तस्वीर पेश की है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में सरकारी और निजी अस्पतालों में सिजेरियन प्रसव की दर राज्य में सबसे कम, मात्र 39 प्रतिशत दर्ज की गई है।

इसके विपरीत चित्रदुर्ग जिले में सर्वाधिक 81 प्रतिशत प्रसव सिजेरियन पद्धति से हुए हैं। पड़ोसी उडुपी जिले में सरकारी अस्पतालों में 51 प्रतिशत तथा निजी अस्पतालों में 58 प्रतिशत प्रसव सिजेरियन से किए गए हैं।

बदलती जीवनशैली बनी चुनौती

चिकित्सकों के अनुसार बदलती जीवनशैली, बढ़ता मोटापा, उच्च कैलोरी वाला भोजन, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, थायरॉयड जैसी समस्याएं और 32 वर्ष के बाद मातृत्व अपनाने की प्रवृत्ति के कारण जोखिम बढ़ रहा है। जुड़वां बच्चों की स्थिति, भ्रूण का आकार, समय से पहले पानी निकलना और रक्त संचार संबंधी समस्याएं भी कई बार शल्य प्रसव को अनिवार्य बना देती हैं।

जागरूकता से बढ़ा आत्मविश्वास

स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा गर्भवती महिलाओं को नियमित परामर्श, प्रसवपूर्व जांच, योग, संतुलित आहार और व्यायाम के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इससे महिलाओं में सामान्य प्रसव को लेकर आत्मविश्वास बढ़ा है और अनावश्यक भय कम हुआ है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर जांच, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और गर्भवती महिलाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाने के प्रयासों से सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने में सफलता मिल रही है।

जोखिम के कारण दोबारा शल्य प्रसव

वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. विद्याश्री कामत ने बताया कि पहले जिन महिलाओं का सिजेरियन हो चुका है, उनके बाद के प्रसवों में जोखिम के कारण दोबारा शल्य प्रसव की आवश्यकता पड़ती है। इसके अलावा केवल चिकित्सकीय आवश्यकता होने पर ही सिजेरियन की सलाह दी जाती है।

अधिक सिजेरियन वाले अस्पतालों पर नजर

दक्षिण कन्नड़ जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.आर. तिम्मय्या ने बताया कि असामान्य रूप से अधिक सिजेरियन प्रसव दर्ज करने वाले अस्पतालों के अध्ययन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जांच समिति गठित की है। रिपोर्ट अंतिम चरण में है और जल्द ही जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी।

आंकड़ों में स्थिति

दक्षिण कन्नड़ में सिजेरियन दर – 39 प्रतिशत
चित्रदुर्ग में सिजेरियन दर – 81 प्रतिशत
उडुपी (सरकारी अस्पताल) – 51 प्रतिशत
उडुपी (निजी अस्पताल) – 58 प्रतिशत
कर्नाटक की औसत सिजेरियन दर – 45.7 प्रतिशत
शहरी क्षेत्रों में दर – 52.6 प्रतिशत
ग्रामीण क्षेत्रों में दर – 40.2 प्रतिशत
देश की औसत दर – 27.2 प्रतिशत

 

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By Bharat Ki Awaz

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